सुनील उपाध्याय
बस्ती । प्रसिद्ध गांधीवांदी विचारक कला प्रसार समिति के पूर्व सभापति वंशीधर दूबे को उनके आठवीं पुण्य तिथि पर याद किया गया। बुधवार को समिति के संयुक्त सचिव हरिस्वरूप दूबे के संयोजन में समिति पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गांधी कला भवन स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर बापू प्रतिमा को नमन् किया।
हरिस्वरूप दूबे ने कहा कि वंशीधर दूबे ने गांधी कला भवन को मुक्त कराकर उसे बापू के विचारों के प्रमुख केेन्द्र बनाया किन्तु दुर्भाग्यवश प्रशासनिक उपेक्षा के कारण उसे विकास प्राधिकरण कार्यालय बना दिया गया। इसके चलते एक महत्वपूर्ण विचार का केन्द्र फिलहाल समाप्त हो गया है। गांधी कला भवन की प्रतिष्ठा और उसके भवन को वापस दिलाने के लिये समिति लगातार संघर्षरत है। निश्चित रूप से उसमें सफलता मिलेगी।
गौरव मणि त्रिपाठी, वीरेन्द्रनाथ पाण्डेय, सत्येन्द्रनाथ मतवाला, ओम प्रकाश लाल श्रीवास्तव, डा. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ श्याम प्रकाश शर्मा आदि ने बंशीधर दूबे के योगदान को स्मरण करते हुये कहा कि वे आखिरी क्षणों तक महात्मा गांधी के विचारों को जन-जन से जोड़ने के लिये प्रयत्नशील रहे । उनका सपना था कि गांधी कला भवन को विकसित किया जाय किन्तु दुर्भाग्य से उनका सपना अधूरा है। इसके लिये सबको मिलकर प्रयास करना होगा। जिलाधिकारी से आग्रह किया जायेगा कि पट्टे का नवीनीकरण कराकर एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संस्था के स्वरूप को बनाये रखा जाय।
वंशीधर दूबे को नमन् करने वालों में सूर्यकान्त त्रिपाठी, विजय पाण्डेय, घनश्याम मिश्र, राजेश तिवारी, मनीष तिवारी, हरिओम तिवारी, बलराम उपाध्याय, झिनकू राम, अमित तिवारी, पल्टूराम, पदमेश दूबे, रहीश दरवेश, उदय स्वरूप, श्रीमती रश्मि, पूनम, सरोज श्रीवास्तव, सुलेखा, सुदामा, अरविन्द तिवारी, पं. चन्द्रबली मिश्र, पेशकार मिश्र, जगदीश प्रसाद, दीनानाथ आदि शामिल रहे।


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