वासुदेव यादव
अयोध्या।जिला अयोध्या के थाना पटरंगा में नियुक्त उपनिरीक्षक रणजीत यादव की रामजन्मभूमि परिसर के ज़ेब्रा पॉइंट पर लगी थी।जब रणजीत यादव शाम 7 बजे अपनी ड्यूटी पर पहुचे तो देखा कि एक बुजुर्ग महिला वहाँ पर खड़ी रो रही हैं। रोने का कारण पूछने पर वह बुजुर्ग महिला ने बताया कि वह अपने परिजनों से बिछड़ गयी है। दरोगा ने पहले उन्हें बिस्कुट खिलाकर पानी पिलाया उसके बाद उन्हें कुर्सी पर बैठाकर ढाढस देते हुए उनका नाम पता पूछा तो उन्होंने अपना नाम केवला पटेल पत्नी पारस पटेल उम्र 65 वर्ष.
निवासी: ग्राम-चन्नी पट्टी थाना-मउआईमा जिला-इलाहाबाद बताया। बताया कि वे अपने पुत्र शोभनाथ और जेठ बालादीन के साथ राम जन्मभूमि दर्शन करते समय रास्ता भटक गयी थी।
उपरोक्त जानकारी लेकर डयूटी पर मौजूद दरोगा रणजीत ने उपरोक्त सूचना को RJB कंट्रोल रूम के साथ सिटी कंट्रोल रूम/मेला कंट्रोल रूम /मेला announce रूम /कोतवाली अयोध्या/मीडिया सेल अयोध्या को अवगत कर प्रचार प्रसार करवाया। कुछ देर बाद कोतवाली अयोध्या से रणजीत के मोबाइल पर फोन आया कि माता जी के परिजन मिल गए। कोतवाली अयोध्या ने एक सिपाही के साथ बुजुर्ग महिला के बेटे को ज़ेबरा पॉइंट पर भेजा। जहां पर बुजुर्ग माता जी को उनके बेटे शोभनाथ को हिदायत देते हुए सुपुर्द किया गया कि मेले अपनी बुजुग माता जी का ध्यान दे। माता जी जाते समय खूब आशीर्वाद दे रही थी। परिजनों से मिलवाने में डयूटी पर मौजूद थाना कैंट के सिपाही अमृतेश ने भी अपनी अहम भूमिका निभाया। माता जी की एक बात जेहन में उतर गयी जब मैं उन बुजुर्ग महिला को पानी पीने के लिए बिस्कुट दे रहा था तो वे बोली
"बच्चा बिस्कुट खाइके हम तोहार रिन(ऋण) ला लेब।"
परन्तु मैने कहा- "हम भी तो आप के बेटे हैं और बेटा कुछ माँ को खिलाएं तो ऋण नही होता।"
तब जाकर उस बुजुर्ग माता जी ने बिस्कुट खाकर पानी पीता। सच मे इस विप्पति में भी उन्हें अपने आत्म सम्मान का ख्याल था। इस बात से अभिभूत हो गया।


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