Type Here to Get Search Results !

Action Movies

Bottom Ad

नगवा लूटकांड मामले में नौ दिन चले अढ़ाई कोस की तर्ज पर चल रही वजीरगंज पुलिस



सप्ताहभर बाद भी बदमाशों तक नहीं पहुंचे पुलिस के हाथ 


अपराध समीक्षा बैठक में एसपी की फटकार का वजीरगंज इंस्पेक्टर पर असर नहीं


 दिनदहाड़े गोली मारकर 3 लाख 80 हजार रूपये लूटने का मामला


ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। सप्ताहभर पहले दिनदहाड़े एक ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक को गोली मारकर पौने चार लाख रूपये लूटने की सनसनीखेज वारदात में पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। पिछले दिनों हुई क्राइम मीटिंग में जिलेभर के तेज तर्रार पुलिस अधीक्षक ने वजीरगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक की जमकर क्लास लगाते हुए लूट की घटना का जल्द से जल्द खुलासा करने की चेतावनी दी, लेकिन इसका इंस्पेक्टर की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ा। दिनदहाड़े इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों तक पुलिस के हाथ 9 दिन बाद भी नहीं पहुंच पाए हैं, जिससे अब वजीरगंज पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगने लगा है। 
      
बताते चलें कि गत 13 अगस्त को दिन में करीब 2 बजे बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने वजीरगंज थाना क्षेत्र के नगवा गांव में स्थित इलाहाबाद बैंक के ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक सुमित तिवारी को गोली मार दी और रूपयों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इस दुस्साहसिक वारदात को जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के नगवा मोड़ से करीब 100 मीटर की दूरी पर अंजाम दिया गया। नगवा गांव निवासी सुमित तिवारी इलाहाबाद बैंक के ग्राहक सेवा केन्द्र का संचालक है। वह डुमरियाडीह स्थित इलाहाबाद बैंक से 3 लाख 80 हजार रूपये लेकर बाइक से वापस जा रहा था। अयोध्या-गोण्डा नेशनल हाईवे पर स्थित नगवा मोड़ से मुड़कर वह गांव की ओर करीब 100 मीटर दूरी पर पहुंचा था, तभी बाइक सवार नकाबपोश बदमाश पहुंचे और उसे गोली मारकर रूपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए। गोली लगते ही सुमित गिर गया। इस बीच गोली चलने की आवाज़ सुनकर हड़कंप मच गया और लोग दौड़ पड़े। हालांकि तब तक बदमाश फरार होने में कामयाब रहे। दिनदहाड़े गोली मारकर लूट की सनसनीखेज वारदात से पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही डुमरियाडीह पुलिस चौकी के साथ ही वजीरगंज व खोरहंसा चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल ग्राहक सेवा केन्द्र संचालक सुमित को आनन फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान केन्द्र संचालक ने बताया कि वह 3 लाख 80 हजार रूपये बैग में भरकर डुमरियाडीह से वापस नगवा जा रहा था।
   घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक आर. के. नैय्यर भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और बारीकी से पड़ताल करने के साथ ही पुलिस टीमें गठित कर अतिशीघ्र बदमाशों की गिरफ्तारी के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लापरवाही किसी भी दशा में क्षम्य नहीं होगी। लापरवाही के आरोप में उन्होंने डुमरियाडीह चौकी प्रभारी तथा हेड कांस्टेबल को सस्पेंड भी कर दिया, लेकिन वजीरगंज थानाध्यक्ष के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। यानी, उन्हें जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया। घटना के बाद एसपी ने इलाहाबाद बैंक की शाखा डुमरियाडीह का भी बारीकी से निरीक्षण करते हुए सीसीटीवी फुटेज की भी पड़ताल की थी। वे अस्पताल में घायल युवक से भी मिले और उसका बयान लिए। खुलासे के लिए टीमें गठित करने के साथ ही अपर पुलिस अधीक्षक और  सीओ को भी मानीटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी। फिर भी अब तक नतीजा शून्य ही है। इस बीच अपराध समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक आर. के. नैय्यर ने वजीरगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक की जमकर क्लास ली। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नगवा लूटकांड का अतिशीघ्र खुलासा हो जाना चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
      
पुलिस अधीक्षक श्री नैयर के सख्त अल्टीमेटम का वजीरगंज थानाध्यक्ष पर फिलहाल कोई असर नहीं हुआ। यही वजह है कि पुलिस के हाथ घटना के 9 दिन बाद भी बदमाशों तक नहीं पहुंच सके हैं। अमूमन हर बड़ी घटना के बाद लकीर पीटने की प्रक्रिया ही दोहराई जा रही है! 


पुलिस पस्त, अपराधी मस्त

जिस तरह से अयोध्या-गोण्डा नेशनल हाईवे से कुछ दूरी पर दिनदहाड़े गोली मारकर लूट जैसी संगीन वारदात को अंजाम दिया गया, उससे यह साफ हो जाता है कि जिले में बदमाशों को पुलिस का खौफ नहीं रह गया है। यही वजह है कि बदमाश पूरी तरह बेलगाम हो चुके हैं और दिनदहाड़े घटनाओं को अंजाम देने लगे हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि बदमाशों को जिले का पुलिस प्रमुख नया होने का फायदा मिल रहा है। दरअसल, एसपी आरके नैय्यर ने कार्यभार ग्रहण किया तो सावन माह, बकरा ईद और स्वतंत्रता दिवस जैसे पर्व उन्हें अग्निपरीक्षा के रूप में मिले, जिन्हें शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। इसी के चलते वे पुरानी पुलिसिंग पर ही कानून व्यवस्था को फिट करने में लगे रहे। लापरवाह पुलिसकर्मियों के विरूद्ध कोई ठोस और सख्त एक्शन न लेना भी लचर कानून व्यवस्था का कारण माना जा रहा है। बहरहाल, गोली मारकर लूट की सनसनीखेज वारदात के बाद अब पुलिस लकीर पीटने वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है। जिले में स्थिति यह है कि पुलिस पस्त और अपराधी मस्त हैं।



बदमाशों की गोली से घायल सुमित (फाइल फोटो)
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Below Post Ad

Comedy Movies

5/vgrid/खबरे