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संस्कृत ज्ञान परीक्षा में मुस्लिम बेटी ने जिला टॉप करके जनपद का नाम किया रोशन


अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। जनपद बलरामपुर की होनहार मुस्लिम बेटी ने शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा आयोजित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में जिला टॉप कर परिवार व जिले का नाम रौशन किया है। जोया खान नामक इस बेटी ने इस परीक्षा में हिस्सा लेकर कट्टर मानसिकता वाली उस सोच को बदलने का संदेश दिया है, जिस सोच के लोग कानून बनने के बाद भी ट्रिपल तलाक और हलाला जैसी धार्मिक कुपरम्पराओं के गुलाम बने हुए हैं।

                  जानकारी के अनुसार जनपद बलरामपुर के उतरौला स्थित स्कॉलर्स अकैडमी इंटर कॉलेज उतरौला के कक्षा 7 में पढ़ने वाली जोया खान ने तहसील और जिला स्तर की इस परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर परिवार का नाम रोशन किया। माता पिता के सहयोग से जोया ने पहली बार ऐसी किसी परीक्षा में हिस्सा लिया था। जोया ने अपनी काबिलियत के मुताबिक सवालों का जवाब दिया था, लेकिन उसे यह नहीं पता था कि वो परीक्षा में जिला टॉप करेंगी। 

जोया को जिला मुख्यालय पर गायत्री शक्तिपीठ मंदिर में समारोह का आयोजन कर पुरस्कृत भी दिया गया। जोया का कहना है कि उनका फेवरेट सब्जेक्ट संस्कृत है और इस परीक्षा को देकर उन्हें बहुत अच्छा लगा, बहुत कुछ सीखने का भी मौका मिला। जोया खान ने अक्टूबर 2018 में शांति कुंज हरिद्वार द्वारा आयोजित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में हिस्सा लिया और अगस्त 2019 में जब परीक्षा का रिजल्ट आया तो उसने जिला स्तरीय परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

 गायत्री शक्तिपीठ मंदिर के प्रतिनिधि सतीश चंद्र मिश्रा ने बताया कि हर साल आयोजित होने वाली इस परीक्षा का उद्देश्य प्राइमरी स्तर से स्नातक स्तर तक के बच्चों में भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता पैदा कर चरित्र चिंतन, व्यवहार, शरीर, समाज और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य का ज्ञान कराना है। यह परीक्षा यूपी के सभी जिलों में कक्षावार पहले तहसील स्तर फिर जिला स्तर पर आयोजित की जाती है। इस बार जोया खान खान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जोया का कहना है कि हमें सभी धर्मो की किताबें पढ़नी चाहिए। इन किताबों से अच्छी शिक्षा, बड़ों का सम्मान और देश के प्रति वफादार रहने की सीख मिलती है। 

जोया का कहना है विश्व में तमाम तरह की भाषाएं बोली जाती है और विभिन्न प्रकार के लोग रहते है, लेकिन वे हमें सिर्फ भारतीय कहकर सम्बोधित करते है ।इसीलिए हमें पहले भारतीय बनना चाहिए फिर कुछ और। जोया ने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे भारत में हैं। जोया को संस्कृत का श्लोक 'त्वमेव माता च पिता त्वमेव' बहुत पसंद है और उनका कहना है कि सभी को कम्युनल माइंड सेट छोड़कर भारतीय संस्कृति को अपनाना चाहिए। 

जोया के पिता असलम शेख स्कालर्स अकैडमी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य है और मां सीमा सादिया हाउस वाइफ है। छोटा भाई अजहर इसी स्कूल के कक्षा 6 में पढ़ता है। मां सीमा, जोया की पढ़ाई में उसके साथ रहती है। जब उन्हें यह पता लगा कि बिटिया ने परीक्षा में टॉप किया है तो उनकी खुशी का ठिकाना ना रहा। जोया की मां का कहना है कि उन्होने बच्चों को हिन्दू मुसलिम से ऊपर उठकर तालीम दी है और उनकी इच्छा है कि उनके बच्चे एक अच्छे इंसान बनें।

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