अमरजीत सिंह
अयोध्या : विद्युत रूदौली डिवीजन कार्यालय मे अफसर शाही राजनीति के हावी होने से लगभग 165 विद्युत संविदा कर्मियों दाने दाने को मोहताज होने के कागार पर आ गये है।सोहावल,मवई सहित सभी फीडरो पर तैनात कर्मियों ने धरना देकर कार्य मुक्त किये जाने का विरोध भी किया लेकिन अधिशाषी अभियंता एस के पान्डेय ने आउट सोर्सिग के आधार संविदा कर्मियों की नियुक्ति होने के कारण जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।बताया जाता है विद्युत डिवीजन रूदौली मे आउट सोर्सिग प्राइम वर्क़ फोर्स प्रा लि ने लगभग तीन माह पूर्व गोडवा मे आठ सोहावल 31ड्योढ़ी 31मवई 26पटरंगा 20 संविदा कर्मियों की नियुक्ति की गयी।अचानक दो माह से राजनीतिक दबाव के चलते उक्त कर्मचारियों को घर बिठाकर अपने अपने चहेतों को नियुक्त करने की कवायद करते हुए नये नियुक्त हुए कर्मचारियों को छुट्टी देने का फरमान भी जारी कर दिया गया।जिससे आहत हो सोहावल विद्युत उपकेन्द्र मवई पटरंगा फीडरो पर विरोध प्रदर्शन किया।संविदा कर्मियों मे संतोंष कुमार अशोक कुमार आनन्द कुमार अदील अहमद आदि का आरोप है।कि कम्पनी द्वारा नियुक्ति के बाद तीन माह तक काम करने के बाद मानदेय देने के बदले काम से ही निकाल दिया।जिससे रोजगार छूट जाने मानदेय नही मिलने से खाने को लाले पड गये है।इस बाबत मे अधिशाषी अभियंता एस के पान्डेय ने कहा कि कार्यरत कम्पनी द्वारा अवैध धन उगाही कर नियुक्ति किये जाने का मामला सामने आया।जिसको लेकर बीकापुर विधायक सहित हमने अधिकारिक पत्र लिखकर मामले की जांच कर कार्यवाही किये जाने की कम्पनी से मांग की है।तीन माह पहले नियुक्त हुए कर्मियों के मानदेय के बारे मे कहा कि अवर अभियंता खंड अधिशाषी अभियंता द्वारा दी गयी अबसेन्टी के आधार पर शासनादेशानुसार आर टी जी एस के तहत बैंक खाते मे मानदेय भेजा जा रहा है।कार्यरत कर्मियों की निकासी किये जाने के बारे मे कार्यरत कंपनी को जिम्मेदार बताया।


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