चप्पे चप्पे पर मुस्तैद रही पुलिस, प्रशासन की भी रही नजर
ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। मुहर्रम की दसवीं तारीख यानी यौमे आशूरा के मौके पर खोरहंसा कस्बे व आसपास के गांवों से ताजियों का जुलूस निकाला गया। जुलूस चिश्तीपुर, जमुनियाबाग, खोरहंसा होते हुए कर्बला पहुंचा, जहां ताजियों को गम के माहौल में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
मुहर्रम की दसवीं तारीख को गम के सागर में डूबे ताजियादारों ने नम आंखों से कर्बला के 72 शहीदों को खिराजे अकीदत पेश की। इस दौरान मुगलजोत, खोरहंसा, चिश्तीपुर, जमुनियाबाग, नियाजी मोहल्ला की ताजिया का जुलूस निकाला गया। जुलूस के बाद सभी ताजियों को जमुनियाबाग नये पेट्रोल पंप के सामने कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इसके साथ ही दस दिनों तक चले मुहर्रम की मजलिसों, सीनाजनी और नौहाख्वानी का भी समापन हो गया। घरों, चौकियों, इमामबाड़ों व अजाखानों में रातभर सजाकर रखे गए ताजिए जुलूस के रूप में कर्बला पहुंचे। ताजियों को दफनाने का सिलसिला कर्बला में देर शाम तक चलता रहा। जुलूस में खोरहंसा के तदबीर नियाजी ठेकेदार, सहील नियाजी, शादाब नियाजी, फिरोज नियाजी, शैद नियाजी, नूर आलम नियाजी, फखरे नियाजी, अनवार नियाजी, लैब नियाजी, इमरान नियाजी, मुकीम नियाजी, अरबाज नियाजी सहित भारी तादाद में ताजियादारों का हुजूम शामिल रहा।
जुलूस के दौरान सुरक्षा के लिहाज से कोतवाल देहात राजनाथ सिंह, चौकी इंचार्ज खोरहंसा योगेश कुमार सिंह के साथ ही बड़ी संख्या में उपनिरीक्षक, महिला व पुरूष कांस्टेबल मौजूद रहे।


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