रामजन्मभूमि में हमारी आस्था है, सुन्नी वक्फ बोर्ड की नहीं, नवम्बर 15 के पहले आ सकता है फैसला
अमरजीत सिंह
वित्तमंत्री की पढ़ाई की हिस्सा अर्थशास्त्र न होने से उन्हें नहीं है इसका ज्ञान
अयोध्या। सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा नेता व राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी राममंदिर के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के प्रति आश्वस्त दिखे। रामजन्मभूमि के बाद काशी व मथुरा को मुक्त कराना उन्होने अपना अगला मिशन बताया। वित्तमंत्री को परिपक्व नेता तो उन्होने बताया परन्तु पढ़ाई का हिस्सा अर्थशास्त्र न होने के कारण इसकी जानकारी वित्तमंत्री को न होने की बात की।
सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि राममंदिर में करोड़ो लोगो की आस्था है। सुन्नी वक्फ बोर्ड की यहां आस्था नहीं जुड़ी है। आस्था हमारा मूलभूत अधिकार है। जब साधारण अधिकार व मूलभूत अधिकार की बात होगी तो मूलभूत अधिकार को वरीयता दी जायेगी। विश्वास है कि नवम्बर 15 के पहले फैसला आ जायेगा। इसके बाद काशी विश्वनाथ व मथुरा की तैयारी करना है।
उन्होने कहा कि विवादित जमीन केवल भगवान का गर्भगृह है। बाकी 67 एकड़ गैर विवादित है। एक बार सुप्रीम कोर्ट के सवाल पर तत्कालीन नरसिंम्हाराव सरकार ने कहा था कि अगर यह पता चले कि वहां मंदिर था तो यह जमीन हिन्दुओं को दे दी जाय। मस्जिद बनाने वाला मीर बांकी शिया था। वहा के मुतवल्ली भी अब तक शिया रहे है। शिया समुदाय कह रहा है कि यह जमीन हिन्दुओं को दी जा सकती है।
उन्होने कहा कि मंदी अभी नहीं है पर मंदी ओर देश बढ़ रहा है। सरकार ने अभी तक इसके लिए सुझाव नही मांगा है। अगर सुझाव मांगे तो दिया जाय। वित्त मंत्री को अर्थशास्त्र का ज्ञान होना चाहिए। मनमोहन सिंह को अर्थशास्त्र का ज्ञान तो था परन्तु वह एक अनपढ़ महिला के सामने झुकता था। पीओकें हमारा हिस्सा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस पर निर्णय लेने के लिए सक्षम है।


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