ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। जब सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले हाथों में "मजबूरी" की जंजीरें पड़ जाती हैं, तब पीड़ित को अपनी फरियाद लेकर न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला परसपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है, जहां ससुरालियों पर आरोप है कि दहेज की खातिर विवाहिता को मार डाला और साक्ष्य मिटाने के लिए आनन-फानन में उसके शव को भी जला दिया गया। इस घटना में इलाकाई पुलिस की भूमिका बहुत ही शर्मनाक और निंदनीय बताई जाती है। पीड़ित पक्ष के मुताबिक, जब उसने बेटी की हत्या की तहरीर थाने पर दी तो उसे तरह तरह के बहाने बनाकर टरकाया जाता रहा। स्थानीय पुलिस की मंशा जानने के बाद पीड़ित अपनी फरियाद लेकर जिले के तेज तर्रार पुलिस अधीक्षक से मिला, जिस पर उन्होंने जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया लेकिन थाने की पुलिस ने उन्हें भी गुमराह करते हुए गलत रिपोर्ट दे दी।
जिले की कोतवाली देहात क्षेत्र के लोढ़ियाघाटा गांव निवासी धर्मराज सिंह पुत्र धीरज सिंह ने पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर को प्रार्थना पत्र दिया है जिसमें कहा गया है कि उसने अपनी लड़की सुमन सिंह की शादी परसपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चन्दापुर गुरेठी निवासी शिवकुमार सिंह पुत्र राजकिशोर सिंह के साथ 05 जून 2017 को हिंदू रीति रिवाज के साथ की थी।
उसने अपनी हैसियत के हिसाब से उपहार स्वरूप दान-दहेज भी दिया था। आरोप है कि शादी के बाद से ही उसकी पुत्री सुमन को उसका पति शिवकुमार तथा ननद रीता, बहनोई मानसिंह पुत्र शीतला सिंह निवासी कड़रू थाना परसपुर व भांजी पुष्पा सिंह प्रताड़ित कर मारते पीटते थे और कम दहेज लाने का ताना मारते थे।
उसने अपनी हैसियत के हिसाब से उपहार स्वरूप दान-दहेज भी दिया था। आरोप है कि शादी के बाद से ही उसकी पुत्री सुमन को उसका पति शिवकुमार तथा ननद रीता, बहनोई मानसिंह पुत्र शीतला सिंह निवासी कड़रू थाना परसपुर व भांजी पुष्पा सिंह प्रताड़ित कर मारते पीटते थे और कम दहेज लाने का ताना मारते थे।
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा है कि उसकी पुत्री सुमन के ससुराल वाले मोटरसाइकिल व सोने की चेन की मांग करते रहते थे और उसे जान से मार देने की धमकी भी देते थे। कहा गया है कि जब वह मायके आती तो सारी बातें अपने पिता तथा भाई से बताती थी। जुलाई माह में ससुराल से वह मायके आयी तो उसे यह कहकर परिजनों द्वारा भेज दिया गया कि धीरे धीरे सामान दे दिया जाएगा। आरोप है कि इस बीच 05 अगस्त 2019 को सुमन ने अपनी मां को फोन कर बताया कि दहेज के लिए उक्त सभी लोगों द्वारा उसे बुरी तरह मारा पीटा गया है और धमकी दी गई है कि अगर आज दहेज नहीं मिला तो जान से मारकर लाश गायब कर देंगे।
पीड़ित पिता का आरोप है कि उसी रात उसकी बेटी की हत्या कर लाश जला दिया गया। इस सम्बंध में परसपुर थाने पर दहेज के लिए हत्या कर लाश जला देने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई लेकिन मुकदमा दर्ज करने के बजाय थानाध्यक्ष द्वारा हीलाहवाली की जाती रही। परसपुर थानेदार लम्बे समय तक तरह तरह के बहाने बनाकर मुकदमा दर्ज करने से कन्नी काटते रहे। उनकी मंशा जानने के बाद पीड़ित ने न्याय की आस लेकर जिले के तेज तर्रार पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर के समक्ष पेश होकर गुहार लगाई जिस पर उन्होंने जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिया लेकिन परसपुर पुलिस ने एसपी को भी गुमराह करते हुए गलत जानकारी दे दी है, जिससे पीड़ित पिता तथा अन्य परिजनों के न्याय की उम्मीदें धूमिल होती जा रही हैं। परसपुर पुलिस पर आरोप है कि वह विपक्षियों से मिली हुई है इसीलिए आलाधिकारियों को भी गलत और आधी अधूरी जानकारी दे रही है।



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