■ ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारी अपना हिस्सा लेकर क्यों है मेहरबान।
आलोक बर्नवाल
संतकबीरनगर। सेमरियावा विकास खण्ड के छपिया छितौना ग्राम पंचायत में इन दिनों नाले का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और निर्माण कार्य में ग्राम प्रधान और जिम्मेदारों के द्वारा घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। निर्माण कार्य की प्रगति और इस्तेमाल सामग्री का जायजा लेने जिम्मेदार अधिकारी भी मौके पर नहीं पहुंचते। बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत अधिकारी रजनी सिंह ने ग्राम प्रधान से मोटी रकम लेकर घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का इजाजत दे रखी है। अब जब ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी विकास कार्यों के नाम पर मोटी रकम लेकर घटिया सामग्री से कार्य करवाने का इजाजत दे रखा हो तो भला ब्लाक के जिम्मेदार अधिकारी इस कार्य में अपना हिस्सा कैसे नहीं लिया होगा.? शायद इसीलिए कोई अधिकारी जांच पड़ताल करने का जहमत नहीं उठाना चाहता। क्योंकि साहब को तो सिर्फ अपने हिस्से से मतलब है। नाम ना छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि नाले के निर्माण में पीला ईट और घटिया सीमेंट कार्य कराया जा रहा है और ऐसे कार्य से ज्यादा दिन तक नाला नहीं चल सकेगा और इससे कहीं ना कहीं सरकार के धन का भी नुकसान किया जा रहा है। आपको बताते चलें की ग्राम पंचायत अधिकारी रजनीश सिंह पर यूं ही नहीं सवाल उठते बल्कि ब्लॉक के चर्चित ग्राम पंचायत अधिकारी इसलिए हैं कि उनके पास अधिकतर ग्राम पंचायतों का प्रभार है जो पूरी तरह विवादित रहता है और इस बात से जिले के अधिकारी भी अनजान नहीं क्योंकि उनके अधिकतर ग्राम पंचायतों पर कई बार जांच पड़ताल में घोटाले के मामले पुष्टि भी हुई और कार्रवाई भी हुआ लेकिन सिर्फ कार्यालय के दफ्तर के फाइलों की शोभा बढ़ाने तक की कार्यवाही सीमित रह जाती है। इसलिए रजनी सिंह पूरे ब्लॉक में चर्चित ग्राम पंचायत अधिकारी बनी रहती हैं। बात छपिया छितौना में हो रहे नाले निर्माण की करें तो ग्राम प्रधान ने स्पष्ट लफ्जों में कहा कि निर्माण कार्य गांव से चंदा लगाकर किया जा रहा है। वहीं गांव के विकास के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री गंगा की तरह पैसा बहा रहे हैं। तो अब सवाल उठता है कि क्या गांव का विकास गांव के लोगों से चंदे पर होगा.? तो फिर सरकार के धन का दुरुपयोग क्यों किया जा रहा है.? और जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ देख जानकर क्यों मौन साधे हुए हैं.? या फिर यह भी कहा जा सकता है कि जिम्मेदार अधिकारियों को अपने हिस्से से मतलब है। हालांकि अब देखने वाली बात यह होगी कि जिम्मेदार अधिकारी सरकार के धन का दुरुपयोग कब तक यूं ही करते रहेंगे या फिर ब्लॉक के आला अधिकारी ऐसे मामले को संज्ञान लेकर कार्रवाई करते हैं या फिर ग्राम पंचायत अधिकारी रजनी सिंह के मेहरबानी पर कार्रवाई महज कागजी कोर्रम तक ही सीमित रह जाएगा।

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