■ राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर सेमिनार का आयोजन
तरीकत हुसैन
लोहरौली,संतकबीरनगर। शुक्रवार को ए.एच. एग्री.इंटर कालेज, दुधारा में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर 1298 बच्चों को पेट में कीड़ा मारने की दवा खिलाई खिलाई गयी। दवा का सेवन करने से पूर्व सेमिनार का आयोजन कर छात्र-छात्राओं को इसके सेवन की विधि बताई गई। उ.प्र. माध्यमिक शिक्षक संघ के मण्डलीय मंत्री संजय द्विवेदी ने कहा कि कुपोषण से बचने के लिए एल्बेंडाजोल का सेवन जरूरी है। यह किसी भी प्रकार से नुकसान नही करता है। दवा खिलाते समय ध्यान रखें कि बच्चे दवा को चबाकर खाएं, जिन बच्चों के पेट में कीडों की अधिकता होगीं, उनके द्वारा दवा का सेवन करने पर यह मामूली लक्षण सामने आएगें, जिससे घबराने की जरूरत नहीं है। जैसै दवा खाने के बाद जी मचलना, पेट में हल्का दर्द, उल्टी, दस्त और थकान महसूस होना, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पेट में कीड़ा होने के कारण यह प्रतिकूल प्रभाव दिखाई देगा। इस दौरान बच्चों को आराम की सलाह दे तथा उसे लेट जाने को कहे, 10 मिनट में समस्या स्वयं ही दूर हो जाएगी। कृमि संक्रमण से बच्चे कुपोषित हो जाते है। बच्चों के शरीर में खून की कमी हो जाती है। बच्चे हमेशा थकान महसूस करते है। बच्चों का शारीरिक मानसिक विकास भी बाधित हो जाता है। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता की भी कमी हो जाती है। उन्होंने कहा कि कृमि संक्रमण से बचाव के लिए नाखून साफ और छोटे रखें। हमेशा साफ और स्वच्छ पानी ही पीऐं। खाने-पीने को ढक कर रखें। अपने हाथ साबुन से धोए, विशेषकर खाने से पहले और शौच जाने कके बाद, घरों के आसपास साफ-सफाई रखें। खुले में शौच न करे हमेशा शौचालय का प्रयोग करें। इस दौरान प्रधानाचार्य कमर आलम, प्रधानाचार्य मुनीर आलम, संजय द्विवेदी, कमर आलम, इस्तियाक अहमद, सुफियान अहमद, फसीऊदीन, ओबेदुलाह, मुहम्मद शाहिद, जुबैर अहमद, सबी अहमद, असादुल्लाह, अब्दुल सलाम, जुनैद अहमद, ओजेर अहमद सहित अन्य उपस्थित रहे।

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