■ एकमात्र डाकखाने में बन रहे आधारकार्ड केंद्र भी अक्सर देते है धोखा
आलोक बर्नवाल
सन्तकबीरनगर।एक तरफ जहां शासन ने सभी जनकल्याण कारी योजनाओं में आधार की अनिवार्यता को बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही विद्यालय में रजिस्ट्रेशन के लिए भी आधार कार्ड को आधार माना जा रहा है। वही जबसे आधार बनाने का अधिकार निजी सेंटरों से वापस लिया गया है तबसे आमजनमानस को आधार कार्ड बनवाने के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है। इसके बाद भी आधारकार्ड बनवाना टेढ़ी खीर हो गई है। आधार कार्ड बनवाने के लिए इस समय मेंहदावल वासियों को मेंहदावल से लेकर जनपद तक चक्कर काटना पड़ रहा है। लेकिन आधारकार्ड बनवाने में पसीना छूट रहा है। एकमात्र मेंहदावल नगर में स्थित उपडाक घर (पोस्टआफिस) में स्थापित आधार कार्ड केंद्र भी अक्सर धोखा दे जाते है जिससे आधारकार्ड बनवाने का इंतजार कर रहे लोगो की समस्या और भी बढ़ जाती है। कुछ समय तक आधारकार्ड बना लेकिन बीच मे सेंटर पुनः कार्य करना बंद कर दिया था। कुछ दिन पूर्व आधारकार्ड सेंटर प्रारंभ हुआ लोगों की आस जगी की अब आधारकार्ड बन जायेगा। आधार बनवाने के लिए सैकड़ो की संख्या में लोग आ रहे है किंतु उपडाकघर में आधार कार्ड बनाने की व्यवस्था एकदम शून्य है। आज के समय जहां पासपोर्ट बनवाना आसान ही गया वही आधारकार्ड बना गया टेढ़ी खीर। मेंहदावल ही नही अपितु दूर दराज से आये लोग भी इस उमस भरी गर्मी में आधार कार्ड को लेकर हो रहे है। आज हर कार्य मे आधार कार्ड की उपयोगिता बढ़ गई है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सभी सरकारी कार्यो में आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया गया है आधार कार्ड की अनिवार्यता क्या है, इस समय कोई स्कूली बच्चों व् उनके परिजनों से पूछे जो की मेंहदावल नगर में परेशान होने के बाद जनपद तक इन बच्चो को लेकर दौड़ रहे है। नगर के इस समस्या से निदान के लिए जनप्रतिनिधियों का ध्यान भी अनदेखा सा प्रतीत हो रहा है। जो आमजनमानस के समस्या के प्रति चिंतित रहते है वह भी गायब है। मेंहदावल नगर के निवासियों का कहना है कि शासन और प्रशासन द्वारा भी इस मामले पर चुप्पी साधे हुए है।

एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ