आलोक बर्नवाल
संतकबीरनगर। जनपद में शौचालय निर्माण में घोटाले की परतें धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। अधिकांश ग्राम पंचायतों में अपात्रों को धनराशि दे दी गई है। तो कुछ जगह शौचालयों के बिना बनवाए ही धन निकाल लिए गए हैं। शिकायतों की जांच में तो मामला सामने आ ही रहा था। दिशा की बैठक में भाजपा नेताओं के द्वारा शौचालय निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत किए जाने के बाद सांसद प्रवीन निषाद ने जनपद के हर ब्लाक के सबसे अधिक शौचालय भेजे जाने वाले गांव की जांच कराने का निर्देश दिया था। उस क्रम डीपीआरओ द्वारा नौ ग्राम पंचायतो की जांच कराया। प्रत्येक गांव में शौचालय घोटाले की पुष्टि हुई। इस बावत डीपीआरओ ने इन गांवों के प्रधानों व सचिवों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। जनपद के बघौली ब्लाक के लेडुआ महुआ, बाघनगर उर्फ बखिरा, नाथनगर का धंजवल, मेंहदावल का सांड़े खुर्द, सेमरियावां का चंगेरा मंगेरा, सांथा ब्लाक का टोटहा, बेलहर कला का जंगल दशहर व गजौली, पौली ब्लाक का गौवापार गांव की जांच में बड़ी अनियमितता मिली है। डीपीआरओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार लेडुआ महुआ गांव में कुल 913 शौचालय की धनराशि भेजी गई थी। 867 शौचालय पूर्ण हो गए थे। जांच में 46 निर्माणाधीन पाए गए। 913 के सापेक्ष 54 शौचालय की धनराशि ग्राम प्रधान व सचिव ने लाभार्थियों को देने के बजाय खुद निकालकर लिया था। वहीं बाघनगर उर्फ बखिरा में 739 शौचालय की धनराशि आवटिंत की गई। इसके सापेक्ष 678 शौचालय पूर्ण तथा 18 निर्माणाधीन पाए गए। 29 का निर्माण शुरू नहीं हुआ था। 14 लाभार्थी ऐसे मिले जो गांव में रहते ही नहीं है। 142 शौचालय की धनराशि प्रधान व सचिव ने खुद निकालकर बनवाया था। इस बावत दोनो स्पष्टीकरण तलब किया गया है। धंजवल में 573 शौचालय की धनराशि आवंटित की गई थी। इसके सापेक्ष 454 शौचालय बने मिले। 119 शौचालय के लाभार्थियों की सूची मांगने पर प्रधान सचिव विवरण उपलब्ध नहीं करा सके। इसी तरह साढ़ेखुर्द गांव में 475 शौचालय की धनराशि आवंटित की गई। 431 शौचालय पूर्ण, 32 निर्माणाधीन मिले। 12 लाभार्थियों का नाम गलत फीड होने के कारण नहीं भेजा जा सका। 360 शौचालय की धनराशि प्रधान व सचिव ने निकाल कर बनवाया था। चंगेरा मंगेरा में 971 शौचालय की धनराशि भेजी गई थी। 953 की लाभार्थियों को दी गई। जिसके सापेक्ष 724 शौचालय पूर्ण मिले। 93 बनते हुए मिले। 136 शौचालयों का निर्माण कार्य लाभार्थियों द्वारा प्रारंभ नहीं किया गया है। 18 शौचालय की धनराशि ग्राम पंचातय के खाते में मिली। कोटहा गांव में 351 शौचालय की धनराशि आवंटित हुई। जिसमें से 283 का निर्माण हो गया। 61 शौचालयों की धनराशि लाभार्थियों के खाते में भेजी गई है। सात शौचालय धरातल पर मिले ही नहीं। जंगल दशहर में 426 के सापेक्ष 109 शौचालय निरीक्षण में धरातल पर नहीं मिले। गौवापार में 57 शौचालय अपूर्ण, 80 का शुरू नहीं हुआ। इसके अलावा यहां चार अपात्र को धनराशि दे दी गई थी। वहीं चार लाभार्थी ऐसे मिले जिन्हे दो बार भुगतान किया गया।

एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ