आलोक बर्नवाल
संतकबीरनगर। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथी को मनाया जाने वाले छठ पर्व को लेकर आज से ही काफी चहल-पहल दिखाई देने लगी है।बाजार में दुकाने भी सजने लगी हैं। आमी नदी के तट पर वेदियां भी तेजी के साथ बनाई जा रही है। सभी लोग छठ पूजा की तैयारी में जुट गए। इसे लेकर चारो ओर छठ पूजा की उत्साह का माहौल बना हुआ है। इसे लेकर आमी तट पर बुधवार को छठपूजा समिति की बैठक के साथ ही आमी तट का स्थलीय निरीक्षण भी समिति के द्वारा किया गया। छठ पूजा का पर्व बिहार प्रांत का सबसे बड़ा पर्व मनाया जाता है। धीरे-धीरे छठ पूजा पर्व पूरे देश में मनाया जाने लगा है। दीवाली का त्योहार के संपन्न होने के बाद भैया दूज के साथ व्रत और पूजा के प्रयोग में आने वाली एक एक चीजों को एकत्रीत करना शुरू कर दिया गया है। छठ व्रती माताएं अपने पुत्रों के दीर्घायु होने की मंगल कामना करती हैं। छठ पूजा पूर्वांचल का महापर्व का रूप ले लिया है। इसे डाला छठ और लोक पर्व के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा मानना है कि छठ देवी भगवान भानू भास्कर की बहन हैं जो सुर्य को प्रसन्न करने के के लिए नदी अथवा पोखरे के पानी में खड़े होकर आराधना की जाती है। छठ पूजा के मद्देनजर नगरपंचायत प्रशाशन के द्वारा कर्मचारियो से आमी नदी के घाटों की सफ सफाई कराना शुरु करा दिया है। वहीं छठ पूजा समिति के सदस्यों के द्वारा बैठक कर आमी नदी तट का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों पर विचार विमर्श किया गया। इस दौरान चेयरमैन संगीता वर्मा, समिति के अध्यक्ष अवधेश सिंह, सभासद भोलू पासवान, अत्रेश श्रीवास्तव, दुर्गेश वर्मा, विजय कान्दू, गुड्डू वर्मा, सुजीत गुप्त, धर्मेंद्र गुप्त, अभिषेक श्रीवास्तव, प्रदीप गुप्त, शिवानन्द चंचल, दिलीप गौड़, कुबेर गुप्त, अरविंद गुप्त, अजय वर्मा, प्रभात वर्मा, दिनेश कुमार, प्रवेश वर्मा, आलोक गुप्त, अजय गोस्वामी आदि लोग मौजूद रहे।

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