सुनील उपाध्याय
बस्ती।जिले में पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को जनसभा की. इस दौरान पीएम ने कहा कि कि हमें हर चरण में जनता का आशीर्वाद मिल रहा है.
पीएम ने कहा कि आज 5वें चरण का मतदान हो रहा है. आज का मतदान यूपी में भाजपा-एनडीए की प्रचंड बहुमत वाली सरकार पर एक और ठप्पा लगाने वाला है.
यूपी को दंगामुक्त बनाए रखने के लिए, यूपी को गुंडामुक्त बनाए रखने के लिए, यूपी के विकास के लिए, लोगों का भरपूर आशीर्वाद हमें मिल रहा है.
उन्होंने कहा आज चंद्रशेखर आजाद जी के बलिदान दिवस पर देश अपने सपूत को याद कर रहा है.
कल बालाकोट एयर स्ट्राइक के तीन साल पूरे होने पर देश ने अपने वायुसेना के पराक्रम को भी याद किया.
हमारे शूरवीरों ने देश को चुनौती देने वालों को उनके घर में ही घुसकर मारा था।
पीएम ने कहा- भारत का ये पराक्रम, दिल्ली और यूपी में बैठे कुछ घोर परिवारवादियों को पसंद नहीं आता.
ये लोग आज भी हमारी सेनाओं से सबूत मांगते हैं, उनके सामर्थ्य पर विश्वास नहीं करते.इसलिए ऐसे लोगों से यूपी की जनता को बहुत सतर्क रहना है।
पीएम ने कहा कि इस समय जो वैश्विक हालात हैं, उस पर प्रत्येक भारतीय की नजर है. भारत ने हमेशा अपने एक-एक नागरिक के जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है.
जहां भी संकट आया, हमने अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है
मोदी ने कहा कि ऑपरेशन गंगा चलाकर हम यूक्रेन से भी हजारों भारतीयों को वापस ला रहे हैं.
हमारे जो बेटे-बेटी अभी भी वहां हैं उन्हें पूरी सुरक्षा के साथ अपने घर पहुंचाने के लिए सरकार दिन-रात काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि आज का ये दौर भारत को, हर भारतवासी को एक बहुत बड़ा संदेश दे रहा है.
ये समय भारत को ज्यादा से ज्यादा ताकतवर, भारत को आत्मनिर्भर बनाने का है. ये समय जात-पात से ऊपर उठकर, छोटी से छोटी बातों से ऊपर उठकर, राष्ट्र के साथ खड़े होने का समय है.
पीएम ने कहा कि हमें हर हाल में अपनी सेनाओं को आधुनिक बनाना होगा.
देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए खुद को खपाना होगा. ये काम घोर परिवारवादी, घोर स्वार्थी कभी नहीं कर सकते.
जिन लोगों का इतिहास रक्षा सौदों में कमीशन खाने का रहा हो, वो परिवारवादी देश को मजबूत नहीं कर सकते.
पीएम ने कहा कि जो लोग देश की सेनाओं की जरूरत को हमेशा नजरअंदाज करते रहे, वो परिवारवादी देश को मजबूत नहीं कर सकते.
जिन लोगों का दिल, देश में बम धमाके करने वाले आतंकियों के लिए धड़कता है, वो कभी देश को सशक्त नहीं बनाएंगे.
मोदी ने कहा कि देश तभी ताकतवर होगा, जब देश के राज्य ताकतवर होंगे, जब उत्तर प्रदेश ताकतवर होगा.
लेकिन घोर परिवारवादियों का तो एक ही फॉर्मूला है- पैसा परिवार की तिजोरी में, कानून जेब में और जनता इनके पैरों पर.
उन्होंने कहा कि कबीर जी घोर परिवारवादियों के लिए बहुत पहले कह गए थे. दुर्बल को न सताइए, जाकी मोटी हाय.
गरीब की इसी हाय ने 2014 में इन्हें झटक दिया, 2017 में पटक दिया, 2019 में साफ कर दिया. अब 2022 में तो इन्हें अपनी ही सीट बचाने के लाले पड़ गए हैं.
डिजिटल मीडिया को मोदी की जनसभा कवरेज करने से रोका गया
डिजिटल मीडिया को बढ़ावा देने के लिए जहां एक तरफ भारत सरकार पुरजोर कोशिश कर रही है, तो वहीं दूसरे तरफ जिले के सहायक सूचना निदेश प्रभाकर तिवारी सरकार की कोशिशों पर जमकर पानी फेर रहे हैं।
हैरान करने वाली बात तो यह है कि 27 फरवरी को जिले के पॉलिटेक्निक में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा को कवरेज करने से इन्होने आधे से अधिक पत्रकारों को रोक दिया।
प्रेसपास जारी करने में हर बार की तरह इस बार भी इन्होने जमकर मनमानी दिखाई। जिसे मन में आया इन्होंने प्रेस पास जारी किया, जिसे मन में आया नहीं जारी किया।.
पत्रकार से बोले प्रभाकर जहां चाहे कर दीजिए शिकायत
जिले में सहायक सूचना निदेशक के पद पर प्रभाकर तिवारी पिछले कुछ वर्षों से तैनात हैं, इस दौरान इन्होंने कुछ पत्रकारों में अपना साम्राज्य स्थापित कर रखा हैं।
ये वो पत्रकार हैं, जो इनका पैर छूते हैं और इनकी हां-हां में हां मिलाते हैं। चाहे प्रेस पास जारी करना हो या फिर सूचना से संबंधी कोई अन्य कार्य पैर छूने वाले पत्रकारों का सबसे पहले ये काम करते हैं।
खैर यह अलग का विषय है, मूल मुद्दे पर आते हैं, तो वह या है कि जब कुछ पत्रकार प्रेस पास को लेकर जिला सूचना कार्यालय बस्ती पहुंचे, तो सहायक सूचना निदेशक ने उन्हें कुर्सी पर बैठने तक को नहीं कहा, इतना ही नहीं उन्होने डिजिटल मीडिया के पत्रकारों को प्रेस पास जारी करने से साफ मना कर दिया।
जब कुछ पत्रकारों ने कहा कि हम इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करेंगे, तो उन्होने कहा कि जहां मन में आए कर दीजिए मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है।
सूचना निदेशक उत्तर प्रदेश की सुनिए
प्रेस पास न जारी होने को लेकर जब उत्तर प्रदेश के सूचना निदेशक शिशिर सिंह से बात की गई, तो उन्होने कहा कि पहले डीएम से शिकायत करें, उनके स्तर से कार्रवाई न होने पर मुझे लिखें।
बता दें कि जिन पत्रकारों को जनसभा कवरेज करने से रोका गया है, वो जल्द ही सूचना प्रसारण मंत्री को पत्र लिखेंगे, इतना नहीं उच्चाधिकारियों को कार्रवाई के लिए ज्ञापन भी सौंपेंगे।

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