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हिंदू लड़के, मुस्लिम लड़की के प्यार के आगे झुका समाज,दी सामाजिक मान्यता



डेस्क :प्रीत न जाने जात कुजात के कहावत को चरितार्थ कर दिया है। बिहार के एक युगल प्रेमी के प्यार के आगे समाज में व्याप्त जातिगत धर्मगत व्यवस्थाएं धरी की धरी रह गई। युगल प्रेमी के प्यार के सामने समाज ने दोनों के प्यार को स्वीकार करते हुए जनम जनम के बंधनों में बंधवा दिया।

मामला बिहार के छपरा का है। यहां एक हिंदू लड़के को मुस्लिम लड़की से प्यार हो गया। जिसका पहले तो पुरजोर विरोध हुआ,लेकिन अंत में दोनो समाज के ठेकेदार युगल प्रेमी के प्यार के सामने नतमस्तक हो गए।गांव की पंचायत में इस प्यार को सामाजिक मान्यता दी। गांव वालों की मौजूदगी में दोनों की शादी कर दी।


स्कूल में हुआ प्यार

चंदा देवी के बेटे राजा बाबू और साबिर अली शाह की बेटी निशा कुमारी के बीच स्कूल के समय से ही प्रेम संबंध चल रहा था। दोनों चोरी छिपे मिलते थे। दोनों से साथ जीने-मरने की कसमें खाईं।


घर से भाग गए थे युगल प्रेमी

​ दोनों को जब इस बात का एहसास हुआ कि दोनों के परिवार उनके एक होने पर राजी नहीं होंगे तो भागने का फैसला कर लिया।राजा बाबू और निशा कुमारी एक दिन मौका पाकर गांव से शादी के लिए फरार हो गए थे।

 भड़का था तनाव

हिंदू लड़का मुस्लिम लड़की को लेकर दोनों परिवारों में विवाद भी हो गया था। मामला हिंदु-मुस्लिम का होन की वजह से काफी दिनों तक गांव में तनाव था।


पंचायत ने मामले में किया हस्तक्षेप

जब कुछ महीनों बाद स्थिति सामान्य हुई। तो गांव की पंचायत ने स्थिति को संभाला। पंचायत के सदस्यों ने दोनों परिवार के लोगों को समझाया। पंचायत के समझाने पर दोनों परिवारों ने अपने बच्चों की भावनाओं को समझा।


पंचायत ने दिखाई दिलेरी

पंचायत ने सूझबूझ से फैसला लेते हुए मुस्लिम लड़की का हिंदू रीति रिवाज से शादी करने की बात कही।जिससे मुस्लिम लड़की निशा कुमारी ने हिंदू रीति रिवाज से शादी करना स्वीकार किया। इसके बाद गरखा में सोमवार को बिना लगन के राजाबाबू और निशा कुमार की शादी कराई गई।


अनोखी बन गई युगल प्रेमी की शादी

दो धर्म का मामला होने के कारण यह शादी अनोखी हो गई।जिससे इस शादी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग बराती बन गए। सभी ने इस नव-दंपति को अपनी शुभकामनाएं दी।


बोली लड़के की मां

लड़के की मां चंदा देवी के अनुसार दोनों परिवार राजी है। हमारे बच्चों के खुशी से बढ़ कर और क्या हो सकता है। बच्चों के खुशी में ही हम सब संतुष्ट है। पंचायत को भी कोई एतराज नहीं है।

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