अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर में 4 अप्रैल को शहर के अग्रेंजी माध्यम विद्यालय पॉयनियर पब्लिक स्कूल एण्ड कॉलेज, बलरामपुर में ‘‘महावीर जयंती‘‘ मनायी गयी। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक डा0 एम0पी0 तिवारी ने बताया कि महावीर जयंती हर साल विशेष रूप से जैन धर्मो के लोगो द्वारा महान संत महावीर (जिन्हें वर्धमान के नाम से भी जाना जाता है) के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में मनायी जाती है। महावीर जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थकर थे, जिन्होनें जैन धर्म की खोज करने के साथ ही जैन धर्म के प्रमुख सिद्धान्तों को स्थापित किया था। इनका जन्म 599 ईसा पूर्व शुक्ल पक्ष के चैत्र माह मे 13वें दिन बिहार के वैशाली जिले के कुंडग्राम मे हुआ था। इसी कारण महावीर जयंती हर साल बहुत अधिक उत्साह और आनंद के साथ मनाया जाता है। यह जैनियों के लिए बहुत अधिक महत्वपूर्ण और पारंपरिक उत्सव है। महावीर जी ने 30 वर्ष की आयु में धार्मिक जागरूकता की खोज के लिए घर त्याग दिया था और 12 वर्ष व 6 महीने के गहरे ध्यान के माध्यम से इन्हें कैवल्य अर्थात् ज्ञान प्राप्त करने में सफलता प्राप्त हुई थी। इन्होंने पूरे भारत वर्ष में यात्रा करना शुरू कर दिया और लोगों को सत्य, असत्य, अंहिसा, ब्रहमचर्य और अपरिग्रह की शिक्षा देते हुए 30 वर्षो तक लगातार यात्रा की। 72 वर्ष की आयु में इन्होनें निर्वाण को प्राप्त किया और जैन धर्म के महान तीर्थाकारों में से एक बन गए, जिसके कारण आज इन्हें जैन धर्म का संस्थापक भी माना जाता है। महावीर जयंती के अवसर पर प्रार्थना स्थल पर विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक डा0 एम0पी0 तिवारी ने महावीर स्वामी के चित्र पर माल्यापर्ण करके पूजा आराधना की । तत्पश्चात् सभी अध्यापक अध्यापिकाओं ने भी महावीर स्वामी को पुष्प अर्पित किया तथा उनके जीवन परिचय के बारे मे अपना-अपना विचार प्रस्तुत किया। इसी क्रम में छात्र-छात्राओं ने भी अपना-अपना विचार प्रस्तुत किया जिसमें प्राइमरी गु्रप से अविरल, जान्हवी, आकर्ष, सुधांशु, हिफजा, यशी, अनन्या, सिदरा, रिद्धी, श्लोक, आस्था, साहवी, वैष्णवी, ख्याति, आयुश, तेज प्रताप, अर्पित, आदित्य एवं वर्णित ने प्रतिभाग किया। सीनियर ग्रुप से दिव्यांसी, अलीशा, सबा, आस्था, आराध्या, मानविक, विनायक, तनमय, प्राकेत, समेल, आशिता, अनन्या, सांझ, देवांश, शिवांशु एवं फैजा ने भी महावीर स्वामी के बारे में अलग-अलग ढंग से अपना विचार प्रस्तुत किया। विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक डा0 तिवारी ने बताया कि महावीर जी एक युग पुरूष थे। उनका संपूर्ण जीवन तप और साधना पर आधारित था। महावीर जयंती महावीर जन्म कल्याणक के नाम से मनाई जाती है। अतः हमें उनके आदर्शां पर हमेशा चलना चाहिए। इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य आशुतोष पाण्डेय, संतोष श्रीवास्तव, शिखा पाण्डेय अध्यापकगण राघवेन्द्र त्रिपाठी (एक्टीविटी इंचार्ज) सहित समस्त अध्यापक अध्यापिकाएं तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


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