गोंडा अदालत ने मारपीट के मामले में 12 आरोपियों को सुनाई सजा, एक पक्ष के 7 लोगों को 7 वर्ष का कारावास, दूसरे पक्ष को दो साल की हुई सजा, देहात कोतवाली क्षेत्र में जमीन कब्जेदारी को लेकर हुआ था खूनी संघर्ष।
उत्तर प्रदेश के गोंडा में न्यायालय ने खूनी संघर्ष के मामले में सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों से 12 लोगों को सजा सुनाई है। अदालत ने दोष सिद्ध होने पर दोनों पक्षों को अर्थदंड से भी दंडित किया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को पीठासीन अधिकारी राजेश कुमार तृतीय ने देहात कोतवाली क्षेत्र में हुए खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए प्रथम पक्ष के साथ लोगों को 7 साल का कारावास, द्वितीय पक्ष के पांच लोगों को दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
अब जाने पूरा मामला
बता दे कि वर्ष 2014 के 27 सितंबर को देहात थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गोंडा फैजाबाद मार्ग स्थित चिस्तीपुर गांव में जमीन कब्जा करने को लेकर बवाल हो गया था। जिसमें दोनों पक्षों के लोगों को गंभीर चोटें आई थी। मामले में पुलिस ने मारपीट, बलवा, जानलेवा हमला करने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामले में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए प्रथम पक्ष के सात और दूसरे पक्ष के पांच लोगों को गिरफ्तार करके न्यायालय रवाना कर दिया था।
9 वर्ष बाद आया फैसला
विद्वान अधिवक्ता अमित पाठक ने आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रयास करते हुए अपना पक्ष रखा, वही कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल शिवपाल सिंह, थाना कोतवाली देहात के पैरोकार के प्रभावी पैरवी से 9 वर्ष 10 महीने 12 दिन बाद मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ फैसला आ गया। न्यायाधीश ने प्रथम पक्ष के आरोपियों को 7 साल की सजा सुनाते हुए 64250 रुपए जुर्माना, और द्वितीय पक्ष के पांच आरोपियों को दोषी पाते हुए 2 वर्ष की जेल और 11 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।
7 वर्ष का कारावास
न्यायालय ने थाना कोतवाली देहात अंतर्गत चिस्तीपुर गांव के रहने वाले सात आरोपियों साकिर अली पुत्र इंसान अली, आरिफ पुत्र नसीम, फिरोज खां पुत्र मोहसीन, मोबीन पुत्र सलीम, तसलीम पुत्र सलीम, कयूब पुत्र मोहम्मद नईम और मारूफ पुत्र सलीम 7 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है।
दो वर्ष की जेल
गांव के ही रहने वाले अरशद हुसैन पुत्र गुलाम रसूल, अफसर हुसैन पुत्र गुलाम रसूल, सोनू (सरफराज) पुत्र राम किशुन, थाना क्षेत्र के सराय जरगर गांव के रहने वाले मासूम अली पुत्र छेदी और दौलतपुर गांव के रहने वाले गुलाम हैदर पुत्र स्व• नसीर 2 वर्ष की सजा सुनाई है।


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