अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर के इंडो नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल नवीं वाहिनी के जवानों द्वारा दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों एवं शरदीय मौसम में भी निरंतर सीमा पर सतर्क गश्त करते हुए कड़ी चौकसी बरती जा रही है ।
09 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल बलरामपुर के जवान देश की सुरक्षा एवं सीमाओं की अखंडता सुनिश्चित करने हेतु दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों तथा कड़ाके की शरदीय मौसमीय चुनौतियों के बीच भी दिन-रात उच्च स्तर की सतर्कता के साथ सीमा क्षेत्र में निरंतर गश्त कर रहे हैं। बल के जवान ऊबड़-खाबड़ भू-भाग, निम्न तापमान, कोहरे तथा प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों को मात देते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में अपनी निर्धारित ड्यूटी का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं पेशेवर दक्षता के साथ कर रहे हैं।इन परिस्थितियों में भी सशस्त्र सीमा बल के जवान सीमा पार से होने वाली किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, तस्करी, घुसपैठ एवं अन्य असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखने के लिए नियमित पैदल गश्त, रात्रि गश्त एवं तकनीकी संसाधनों की सहायता से चाक-चौबंद निगरानी सुनिश्चित कर रहे हैं। जवानों द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों से सीमा क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं सामान्य स्थिति बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त हो रहा है।वर्तमान शरदीय मौसम में तापमान में भारी गिरावट एवं घने कोहरे के बावजूद बल के अधिकारी एवं जवान निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुरूप परिचालन गतिविधियों को निर्बाध रूप से संचालित कर रहे हैं। उच्चाधिकारी समय-समय पर सीमा चौकियों एवं गश्त मार्गों का निरीक्षण कर जवानों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं तथा आवश्यक प्रशासनिक एवं लॉजिस्टिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे जवानों की कार्यकुशलता एवं मनोबल उच्च स्तर पर बना रहे।09 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल बलरामपुर सीमा क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों के साथ समन्वय एवं सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखते हुए सुरक्षा संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान, विश्वास निर्माण एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। बल द्वारा किए जा रहे ये प्रयास “सेवा, सुरक्षा एवं बंधुत्व” के मूल मंत्र के अनुरूप सीमा क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बना रहे हैं। 09 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल बलरामपुर यह आश्वस्त किया जा रहा है कि दुर्गम भौगोलिक स्थिति, प्रतिकूल मौसम अथवा अन्य किसी भी प्रकार की चुनौती के बावजूद सीमा की सुरक्षा एवं राष्ट्र की अखंडता से संबंधित दायित्वों के निर्वहन में कोई कमी नहीं आने देगी । बल के जवान पूरे समर्पण, अनुशासन एवं अदम्य साहस के साथ भविष्य में भी इसी प्रकार सीमाओं की सुरक्षा हेतु तत्पर रहेंगे।
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