अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर में गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार से निकली दिव्य ज्योति कलश रथ यात्रा लगातार भ्रमण करते हुए मंगलवार को विकासखंड सदर बलरामपुर, श्रीदत्तगंज एवं उतरौला में भ्रमण किया । रथ यात्रा का श्रद्धालुओं द्वारा जगह-जगह स्वागत अभिनंदन किया गया ।
24 फरवरी को गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार से निकली दिव्य ज्योति कलश रथ यात्रा जनपद भ्रमण के अन्तर्गत ब्लाक बलरामपुर के विभिन्न गांवों व स्थानों पर भ्रमण किया। जनपद बलरामपुर में दिव्य ज्योति कलश भ्रमण नगर स्थित सुन्दर दास राम लाल इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य नरसिंह नाथ मिश्र व शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं द्वारा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ आरती-पूजन किया गया। इस अवसर पर टोली नायक दधिबल सिंह ने संदेश दिया गया कि शिक्षा केवल अक्षर ज्ञान नहीं, बल्कि आत्मा का जागरण है। संस्कार मनुष्य के चरित्र को प्रकाशमान करते हैं और उसे सत्य, करुणा, सेवा एवं सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करते हैं।जब शिक्षा में आध्यात्मिकता और संस्कारों की मधुर सुगंध जुड़ जाती है, तब वही ज्ञान समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार बनता है। उसके बाद ब्लाक के रामपुर खगईजोत, सबलपुर, दुल्हापुर गांव में परिजनों द्वारा आरती पूजन करते हुए कलवारी प्रज्ञापीठ पहुंची जहां कलश के पूजन अर्चन और आरती के बाद भव्य दीपयज्ञ हुआ।
शांतिकुंज प्रतिनिधि समर बहादुर सिंह और सूर्या कुशवाहा जी द्वारा गुरु के संदेश को श्रद्धालुओं ने सुना और गायत्री को अपनाने का संकल्प लिया । अगले दिन यात्रा बलरामपुर ब्लाक के नहर बालागंज, मझौवा में प्रवीण और स्थानीय परिजन, फत्तेजोत, श्रीदत्तगंज ब्लॉक के ग्राम झुनझुनिया, राजघाट, श्रीदत्तगंज बाईपास पर विनोद मिष्टान्न भंडार और उनके परिवार, तथा बाजार में पावन ज्योति कलश रथ यात्रा अपने जनपद भ्रमण के दौरान गजानन गौरी शंकर ज्वैलर्स के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा भव्य आरती पूजन किया गया । इसके बाद यात्रा सायं को उतरौला पहुंची जहां स्थानीय परिजन प्रदीप गुप्ता एवं सेवानंद गुप्ता के सहयोग से भव्य दीपयज्ञ हुआ और गुरुदेव के संदेश को सुनकर गायत्री को जन जन तक पहुंचाने की प्रेरणा ली। ज्योति कलश यात्रा भ्रमण के दौरान गायत्री परिवार जिला सह संयोजक सीताराम वर्मा, गायत्री शक्तिपीठ व्यवस्थापक सतीश चन्द्र मिश्रा, युवा प्रकोष्ठ सुनील वर्मा, ट्रस्टी कृष्ण कुमार कश्यप, परिवाजक राजकरण सहित तमाम लोगों की उपस्थिति रही।
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