अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर के इंडो नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल नवीं वाहिनी सीमा चौकी कोयलाबास के अधिकारियों व जवानों ने शनिवार की भोर में चैत नवरात्र के अवसर पर नेपाल से आए 88 साधुओं के जत्थे को भारत नेपाल सीमा कोयलाबास से देवी पाटन मंदिर के लिए सुरक्षित प्रस्थान कराया ।
21 मार्च को प्रातः लगभग 04:40 बजे ‘ई’ समवाय, कोयलाबास में तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों की सक्रिय सहायता एवं निगरानी में चैत नवरात्र के पावन अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में सुरक्षा एवं समन्वय की उत्कृष्ट व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इसी क्रम में, कुल 88 साधुओं का जत्था नेपाल स्थित राम जानकी मंदिर, कोयलाबास से अपनी धार्मिक यात्रा प्रारंभ कर सशस्त्र सीमा बल के चेक पोस्ट कोयलाबास के माध्यम से भारत में विधिवत प्रवेश किया । सभी साधु देवी पाटन मंदिर, तुलसीपुर (जनपद बलरामपुर) में दर्शन-पूजन हेतु प्रस्थान किए, जो चैत्र नवरात्र के दौरान प्रमुख धार्मिक आस्था का केंद्र है। बताते चलें कि प्रत्येक वर्ष चैत्र नवरात्र में पंचमी के दिन पीर रतन नाथ की यात्रा नेपाल से चलकर देवी पाटन मंदिर पहुंचती है, जहां पारंपरिक तरीके से मंदिर प्रबंधन तथा स्थानीय लोगों द्वारा यात्रा का स्वागत किया जाता है । इंडो नेपाल सीमा पर SSB के जवानों द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप आवश्यक जांच, पहचान सत्यापन एवं सुरक्षा संबंधी सभी औपचारिकताएं पूर्ण की गईं। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करते हुए शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से उनके गंतव्य हेतु रवाना किया गया। चैत नवरात्र के अवसर पर सीमावर्ती क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को ध्यान में रखते हुए सशस्त्र सीमा बल द्वारा विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जवानों को 24 घंटे मुस्तैद रहकर सीमा की निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों पर सतत नजर रखने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया है । यह कार्यवाही सशस्त्र सीमा बल की सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा एवं जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे न केवल श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण में यात्रा करने का अवसर मिला, बल्कि सीमा क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित हुआ ।
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