अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर के एमएलके पीजी कालेज में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के छठवें दिन शनिवार की शुरुआत सड़क सुरक्षा जागरूकता रैली से किया गया ।
14 मार्च को प्राचार्य प्रो जनार्दन प्रसाद पाण्डेय के निर्देशानुसार राष्ट्रीय सेवा योजना के सरोजनी नायडू इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ रमेश शुक्ल तथा कल्पना चावला इकाई के पदाधिकारी डॉ अनामिका सिंह के संयोजकत्व में प्राथमिक विद्यालय बिजलीपुर प्रथम में 09 मार्च से चल रहे सात दिवसीय विशेष शिविर के छठे दिन प्रथम सत्र में सड़क सुरक्षा अभियान रैली प्राथमिक विद्यालय बिजलीपुर प्रथम से प्रारंभ होकर बिजलीपुर मंदिर परिसर, बिजलीपुर गांव, लपटेनपुवा, धरमपुर, बड़की बिजलीपुर व बंजारी गांव से होते हुए बिजलीपुर मंदिर परिसर में आकर समाप्त हुआ। रैली में स्वयंसेवक तथा स्वयं सेविकाओं ने विभिन्न प्रकार के स्लोगन एवं नारे जैसे - दुर्घटना पर लगेगा ताला, जब पहनोगे सुरक्षा माला । सड़क सुरक्षा की यही पुकार, बिन हेलमेट सब बेकार, रहो हमेशा सावधान, दुर्घटना ले लेता प्राण। सेफ ड्राइव, सेफ लाइफ नाराे को लगाकर लोगों को जागरूक किया । जागरूकता रैली के उपरांत NSS logo पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । प्रतियोगिता में काजल, अग्रिमा को प्रथम, खुशी, प्रियांशी को द्वितीय तथा अनन्या, कोमल को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ ।
सड़क सुरक्षा स्लोगन में काजल को प्रथम, लालजी को द्वितीय तथा अनिमेष को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ । कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा के लिए शपथ दिलाया गया। इससे पूर्व कार्यक्रम का प्रारंभ वैदिक मंगलाचरण दीप प्रज्वलन तथा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ । सरस्वती वंदना सलोनी तथा शगुन ने प्रस्तुत किया । स्वागत गीत इबरत तथा प्रिया ने प्रस्तुत किया। लक्ष्य गीत धर्मेश ने प्रस्तुत किया तथा रिपोर्ट आदर्श ने प्रस्तुत किया। उक्त कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ रमेश शुक्ल ने मुख्य अतिथि तथा अन्य अतिथियों का परंपरागत ढंग से स्वागत किया। डॉ शुक्ल ने स्वयंसेवक तथा स्वयं सेविकाओं से कहा कि प्रत्येक वर्ष नवंबर माह के तीसरे रविवार को विश्व सड़क यातायात दुर्घटना स्मृति दिवस मनाया जाता है । हम यातायात के नियमों का पालन करके जैसे हेलमेट और सीटबेल्ट लगाना, गति पर नियंत्रण, दाएं बाएं देख कर चलकर व्यक्तिगत सुरक्षा के साथ साथ अराजकता को रोककर सुगम व सुरक्षित परिवहन अवश्य सुनिश्चित कर सकते है । कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में कानूनी साक्षरता विषय पर अपना सारगर्भित व्याख्यान देते हुए देवेंद्र पाण्डेय तथा युगल किशोर शुक्ल ने कहा कि स्वतंत्रता से पूर्व राजाओं का आदेश ही विधि माना जाता था, परंतु अब भारतीय दंड संहिता के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता लागू किया गया है ।
उन्होंने बताया कि अनुच्छेद 14 -18 , अनुच्छेद 19-20 , 21 तथा 32 हमे मौलिक आधार के साथ साथ अपने कर्तव्यों को पालन करने का सीख देता है तथा हमारे लिए देश सर्वोपरि है । कार्यक्रम के तृतीय सत्र में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ ए के शुक्ला ने मानव जीवन में संबंधों का महत्व नामक शीर्षक पर संक्षिप्त व्याख्यान देते हुए बताया कि हमे दूसरों के अच्छे विचारों को सुनने की क्षमता को विकसित करना चाहिए । हमे एक दूसरे का सहयोग, एक दूसरे के प्रति सम्मान की भावना रखनी चाहिए । कार्यक्रम के चौथे सत्र को संबोधित करते हुए गायत्री विद्यापीठ महाविद्यालय रिसिया बहराइच के प्राचार्य प्रो दिव्यदर्शन तिवारी ने पर्यावरण संरक्षण विषय पर व्याख्यान देते हुए बताया कि पृथ्वी पर जीवन बनाए रखने के लिए मनुष्यों, प्राणियों और पेड़ों के लिए हवा और पानी एक महत्वपूर्ण आधार है। पृथ्वी पर बिना जल के जीवन संभव नहीं है पर्यावरण बचाकर ही हम अपने अस्तित्व को बचाए रख सकते है, इसलिए हमे जल एवं जंगल दोनों को संरक्षित रखना चाहिए । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वनस्पति विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो जे पी तिवारी ने छात्र छात्राओं को अनुशासन एवं समय प्रबन्धन के बारे में संक्षेप में टिप्स दिए ।उक्त कार्यक्रम के पांचवे और अंतिम सत्र में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें स्वयंसेवकों ने अंताक्षरी, गीत, गजल तथा भजन प्रस्तुत किया । जिसमें शिवा ,पीयूष , आदर्श, आशीष, शिवांशु, प्रिया, सरिता, विभा पाण्डेय , करिश्मा पाण्डेय की टीम को प्रथम तथा अग्रिमा, काजल, सलोनी, स्नेहा, खुशी, लालजी, अनिमेष, विजय की टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया ।इस अवसर पर डॉ मनोज सिंह, डॉ श्रद्धा, कुसुम, शिवानी, मोहन, शिवा व पिंटू सहित अन्य कई लोग उपस्थित रहे । कार्यक्रम का संचालन डॉ आर के शुक्ल ने किया । धन्यवाद ज्ञापन डॉ अनामिका सिंह ने प्रस्तुत किया । कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया ।
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