अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास (पर्यावरण शिक्षा, अवध प्रांत) नई दिल्ली एवं एमएलके पीजी कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में विश्व पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता सप्ताह अंतर्गत गुरुवार को महाविद्यालय सभागार में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में वक्ताओं ने "धरती बचाओ-जीवन बचाओ " विषय पर अपने अपने विचार व्यक्त किए।
4 जून को आयोजित गोष्ठी का शुभारंभ महाविद्यालय प्राचार्य प्रो0 जे पी पाण्डेय, मुख्य नियन्ता प्रो0 वीणा सिंह, सांस्कृतिक निदेशक प्रो0 रेखा विश्वकर्मा व कार्यक्रम संयोजक लेफ्टिनेंट (डॉ) देवेन्द्र कुमार चौहान ने दीप प्रज्वलित एवं माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करके किया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो0 पाण्डेय ने कहा कि "धरती बचाओ, जीवन बचाओ" केवल एक नारा नहीं, बल्कि आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। 'धरती बचाओ, जीवन बचाओ' इस पर्यावरण संरक्षण गोष्ठी या अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित, स्वच्छ और हरित पृथ्वी सुनिश्चित करना है। मुख्य नियन्ता प्रो0 वीणा सिंह ने कहा कि लोगों को प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कम करने , पुन: उपयोग करने और रीसायकल करने के सिद्धांत को अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। कार्यक्रम संयोजक लेफ्टिनेंट डॉ देवेन्द्र कुमार चौहान ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि "धरती बचाओ, जीवन बचाओ" का अर्थ हमारे प्राकृतिक पर्यावरण को संरक्षित करना है। चूँकि पृथ्वी ही ज्ञात ब्रह्मांड में एकमात्र ऐसा ग्रह है जहाँ जीवन संभव है, इसलिए इसके जल, जंगल, और वायु की रक्षा करना मानव अस्तित्व के लिए सबसे ज़रूरी है। इस अवसर पर डॉ स्वदेश भट्ट, डॉ ओ पी सिंह, डॉ वंदना सिंह व डॉ शकुंतला सिंह सहित कई शिक्षक व छात्र- छात्राएं मौजूद रहे।
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