राकेश गिरी
बस्ती । आज जब समाज में परस्पर विषमता बढ रही हो और साम्प्रदायिकता के नाम पर समाज को बाटने की साजिशें हो रही है महात्मा कबीर के शरण में जाकर ही हम स्वस्थ, सार्थक समाज का ताना बाना मजबूत रख सकेंगे। यह विचार जिलाचिकित्सालय के आयुष चिकित्साधिकारी डा. वी.के. वर्मा ने व्यक्त किया। वे सोमवार को प्रेस क्लब में कबीर साहित्य सेवा संस्थान द्वारा पांचवे स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे।
विचार गोष्ठी और कवि सम्मेलन को विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुये डॉ. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ ने कहा कि बस्ती का संत कबीर से निकट का नाता है। इस मिट्टी में कबीर रचे बसे हैं।
कार्यक्रम को त्रिभुवन प्रसाद मिश्र, पं. चन्द्रबली मिश्र, डा. वाहिद अली सिद्दीकी, श्याम प्रकाश शर्मा आदि ने सम्बोधित करते हुये कहा कि कबीर के विचारधारा से जन-जन को जोड़े जाने की जरूरत है।
गोष्ठी के बाद आयोजित काव्य गोष्ठी में डा. रामकृष्णलाल जगमग, आतिश सुल्तानपुरी, लालमणि प्रसाद, सागर गोरखपुरी, जगदम्बा प्रसाद भावुक, शाहिद वस्तवी, फूलचन्द्र चौधरी, अध्यक्षता कर रहे सत्येन्द्रनाथ मतवाला ने काव्य पाठ किया। अंत में संस्थान के अध्यक्ष मो. सामईन फारूकी ने आगन्तुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। मनोज पाण्डेय, जगदीश प्रसाद पाण्डेय, दीपक प्रसाद के साथ ही अनेक लोग मौजूद रहे।


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