सत्येन्द्र खरे
कौशांबी : जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिलीप सिंह यादव ने गैर इरादतन हत्या के मामले में दो आरोपियों को दोषी पाते हुए दस-दस वर्ष की सजा सुनाई। इसके साथ ही उनपर दस-दस हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार सैनी थाना क्षेत्र के हुजरा मजरा अंबाई निवासी हिदायत उल्ला पुत्र शाह मोहम्मद ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका नाती एकलाख जानवरों को पानी पिलाने जा रहा था। रास्ते में गांव के ही मन्नान व उस्मान ने पुरानी रंजिश को लेकर एकलाख को मारा पीटा। जिसकी शिकायत आरोपियों के घर में की गई। इसी बात को लेकर आरोपियों ने वादी के घर में हमला बोल दिया और लाठी-डंडा व सरिया से मारकर उसके भाई गयासुद्दीन को पीटकर घायल कर दिया। इलाज के लिए गयासुद्दीन को अस्पताल ले जाया गया। वहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी मन्नान व उस्मान के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया और विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। 14 वर्षों तक मुकदमा कई न्यायालय में स्थानांतरित होता रहा। कुछ माह पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई शुरू की। शासकीय अधिवक्ता विनय कुमार यादव ने वादी मुकदमा सहित एक दर्जन गवाहों को न्यायालय में पेश कराया। बुधवार को मामले की सुनवाई हुई। जिसमें न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी मन्नान व उस्मान को दोषी पाया और उन्हें दस साल की सजा सुना दी। न्यायालय ने उनपर दस-दस हजार का अर्थदंड भी लगाया।


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