सत्येन्द्र खरे
कौशांबी : अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय व विशेष पाक्सो एक्ट न्यायाधीश अनुपम कुमार ने दुष्कर्म के आरोपी को 11 वर्ष की कैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही उन पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
शासकीय अधिवक्ता घनश्याम कुमार के अनुसार पश्चिमशरीरा थाना क्षेत्र के जजौली गांव के एक व्यक्ति ने 12 अप्रैल 2014 को पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसकी पुत्री घर से लापता हो गई है। खोजबीन के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस की जांच में बैरी थाना खखरेरू जनपद फतेहपुर का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से किशोरी को बरामद कर लिया। किशोरी का मेडिकल परीक्षण करने के बाद पुलिस ने पीड़िता को न्यायालय में बयान कराया। जिसमें पीड़िता ने दुष्कर्म की पुष्टि की। पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा बहला फुसला कर भगाने व दुष्कर्म में तब्दील कर जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। तीन साल तक मामले को लेकर न्यायालय में मामले को लेकर विचारण होता रहा। बुधवार को इस मामले की अंतिम सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को सुनने व पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोकन के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। जिसके बाद न्यायालय ने नवनीत प्रताप सिंह को 11 वर्ष की सजा सुना दी। इसके साथ आरोपी पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई।


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