राकेश गिरी
बस्ती। भारतीय किसान यूनियन की बैठक गुरूवार को जिलाध्यक्ष राम मनोहर चौधरी की अध्यक्षता में शिविर कार्यालय शिवा कालोनी पर सम्पन्न हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि 9 अक्टूबर तक शत प्रतिशत बकाया गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित न हुआ तो 10 अक्टूबर को जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय का घेराव कर विरोध किया जायेगा।
बैठक को सम्बोधित करते हुये भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीवान चन्द चौधरी ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार किसानों की आय 2022 तक दो गुनी करने का जोर शोर से प्रचार तो कर रही है किन्तु उस अनुरूप नीतियां दूर-दूर तक दिखायी नहीं पड़ रही है। कहीं अच्छे दिनों के जुमले की तरह यह नारा भी ढकोसला न साबित हो। कहा कि जब तक स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू कर आम बजट की तरह कृषि बजट पेश नहीं किया जाता, किसानों का उत्पाद की सही कीमत, बाजार, विपणन और सुनिश्चित समय सीमा में भुगतान की व्यवस्था नहीं होगा किसानों की बदहाली दूर होने वाले नही है। उत्तर प्रदेश का बहुसंख्यक किसान कर्ज माफी के नाम पर फिर ठगा गया, एक रूपया, दो रूपया कर्जमाफी का राजनीतिक ड्रामा कठिन दौर से गुजर रहे किसानों के साथ भद्दा मजाक है। आवाहन किया कि किसान अपने अधिकारों के लिये एकजुट हों तभी उन्हें अधिकार हासिल हो सकेगा।
भाकियू की बैठक में जिला सहकारी बैंक से भुगतान दिलाये जाने, विधवा, विकलांग, वृद्धा पेन्शन, आवास आवंटन, राशन कार्ड , छुट्टा जानवरों से फसलों को क्षति, आदि का मामला छाया रहा। मांग किया गया कि शिविर लगाकार लोगों को कल्याणकारी योजना का लाभ दिलाया जाय। उत्तर प्रदेश में मंहगे दर पर यूरिया खाद की बिक्री बंद कराये जाने की मांग किया गया। वक्ताओं ने कहा कि देश में सबसे मंहगी यूरिया यूपी में बिक रही है। इस आर्थिक शोषण को बंद कराया जाय।
बैठक को दिवान चन्द पटेल, हरीराम चौधरी, डा. आर.पी. चौधरी, जयराम वर्मा, लालमन, बंधू, रामचन्दर सिंह, नायब चौधरी, शिवमूरत, सुरेश चन्द्र चौधरी, राम सुरेमन आदि ने सम्बोधित करते हुये किसानों के स्थानीय समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुये आन्दोलन तेज करने पर जोर दिया।
मासिक बैठक में त्रिवेनी चौधरी, पिताम्बर मौर्या, घनश्याम, सीताराम, चन्द्रभान, दीनानाथ, राम सूरत, रामतीरथ निषाद, रमेश चन्द्र चौधरी, हरीराम पासवान, शिवशंकर पाण्डेय, रामदीन कन्नौजिया, अवधेश कुमार, राम कृपाल चौहान, रामशव्द, राम कुमार, केशवराम, लालमन चौधरी के साथ ही भाकियू के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।


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