राकेश गिरी
बस्ती । कुदरहा विकास खण्ड के ग्राम पंचायत चकिया के ग्राम प्रधान गेंना देवी के नेतृत्व में नागरिकों ने जिलाधिकारी को सम्बोधित ज्ञापन सोमवार तो तहसील सदर को सौंपा। मांग किया कि राजस्व ग्राम भरवलिया उर्फ टिकुईया को संतकबीर नगर से अलग कर बस्ती में शामिल किया जाय जिससे कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नागरिकों को मिल सके। चेतावनी दिया कि यदि 11 सितम्बर तक समस्याओ का समाधान न हुआ तो 12 सितम्बर को शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से रामजानकी मार्ग भरवलिया उर्फ टिकुईया के नागरिक विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
ज्ञापन सौंपते हुये चकिया निवासी राजेश यादव ने तहसीलदार सदर को बताया कि राजस्व ग्राम भरवलिया उर्फ टिकुईया अभिलेखों में संतकबीर नगर जनपद में दर्ज हो गया है किन्तु वह विकास कार्यो की दृष्टि से कुदरहा से सम्बंधित है और राशन आदि बस्ती जनपद से ही मिलता है। अचानक सीमावर्ती गांव हो जाने के कारण भरवलिया उर्फ टिकुईया के लोग उपेक्षा और भ्रम के शिकार है। मांग किया कि भरवलिया उर्फ टिकुईया को बस्ती जनपद में शामिलकर योजनाओं को लाभ दिलाया जाय।
ग्रामीणों ने बताया कि भरवलिया उर्फ टिकुईया के नागरिकों को अप्रैल 17 से ही राशन नहीं मिल पा रहा है। पूंछने पर कोटेदार साधू शरन यादव द्वारा कहा जाता है कि आपका जनपद संतकबीर नगर है, अब यहां से नहीं मिलेगा जबकि संतकबीर नगर से कोई जबाब नहीं मिलता। ग्रामीणों को बस्ती जनपद का ही राशन कार्ड दिया गया है। ग्रामीणों ने मांग किया कि राशन पूर्व की भांति वितरित कराकर कोटेदार के विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित किया जाय।
ज्ञापन सौंपते समय ग्राम प्रधान गेना देवी के साथ कुन्ता, सुभावती, बुझावन, शिवमूरत, प्रहलाद, जलधारी, मालती, कल्पनाथ, सियाराम, सन्तराम, रतिराम सिंह, बाल गोविन्द, टेकई, राम हित, रूमाले, आदर्श कुमार, रवि प्रकाश, रामदेव, सुमित्रा, ऊषा, रामकेश, अब्दुल हक, दिनेश, जानकी, सुभागी, बाबूलाल के साथ ही सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल रहे।


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