सत्येन्द्र खरे
कौशांबी : अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय इफ्तेखार अहमद ने 10 साल पहले पत्नी को जिंदा जलाकर मार देने के एक मामले में आरोपी पति को उम्र कैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 50 हजार का अर्थडंड भी लगाया।
शासकीय अधिवक्ता तीरथ सिंह के अनुसार सरायअकिल थाना क्षेत्र के सुकवारा गांव निवासी छेदीलाल ने अपनी पुत्री कामनी देवी की शादी कोखराज थाना क्षेत्र के भटपुरवा निवासी रमेश कुमार पुत्र हीरालाल के साथ वर्ष 2001 में की थी। शादी के बाद से ससुराली जन कामनी देवी को प्रताड़ित करने लगे। वह कई बार समझाने के बाद भी नहीं मान रहे थे। दो जुलाई 2007 को कामनी देवी खाना बना रही थी। उसी दौरान उसके पति ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दिया। जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई। घटना को अंजाम देने के बाद पति मौके से फरार हो गया। शोरगुल सुनकार पड़ोसियों ने किसी तरह मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और उसे उपचार के लिए इलाहाबाद के एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया। वह तीसरे दिन उसकी मौत हो गई। छेदीलाल की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ हत्या का मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। मामले का विचारण एडीजे तृतीय के कोर्ट में चला। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने वादी समेत कुल आठ गवाहों को पेश किया। मंगलवार को मामले की अंतिम सुनवाई हुई। उभय पक्षों को सुनने व पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोकन के बाद न्यायालय ने रमेश पर पत्नी की हत्या का आरोप सिद्ध पाया। जिसके बाद रमेश को उम्र कैद की सजा सुना दी। साथ ही आरोपी पर 50 का अर्थडंड भी लगाया। अर्थडंड की 75 फीसद धनराशि मृतका के माता-पिता को देने का भी निर्देश दिया।


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