प्रधानमंत्री आवास योजना में मिले धन वसूली का मामला
सत्येन्द्र खरे
कौशांबी : प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्रों का चयन हो गया था। इसको लेकर गांव के लोगों ने अधिकारियों से शिकायत की। जांच में मामला सही मिला तो परियोजना निदेशक ने रिकवरी का आदेश दिया। करीब दो साल बाद भी मामले को अपात्रों से रिकवरी नहीं हुई। इसको लेकर गांव के लोगों ने तहसील दिवस में शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
सरसवां विकास खंड के गढ़ी बाजार के मजरा रक्सौली गांव में ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव ने अपात्रों के नाम प्रधानमंत्री आवास आवंटित कर दिया। अपात्रों को आवास निर्माण की धनराशि भी भेज दी गई। इसको लेकर गांव के हरीलाल व अन्य लोगों ने अधिकारियों से शिकायत शुरू कर दी। जब तक अधिकारी जांच के लिए गांव पहुंचते अपात्रों ने आवास निर्माण पूरा कर लिया। शिकायत पर जांच के लिए गांव पहुंचे अधिकारियों ने गांव की मीना देवी पत्नी धर्मेंद्र, आमना वानों पत्नी रियायत अली, गोमती देवी पत्नी गयादीन, जोगिया पत्नी प्रेमचंद्र, रतुली पत्नी धर्मेंद्र, रईस अहमद पुत्र इरदरीश को प्रधानमंत्री आवास के लिए अपात्र पाया। तत्कालीन खंड विकास अधिकारी सरसवां ने सभी को नोटिस भेजकर सात दिनों के अंदर आवास निर्माण के लिए मिली 130000 रुपये बैंकर्स चेक व ड्राफ्ट में माध्यम से खंड विकास अधिकारी सरसवां के खाते में जमा कराने का निर्देश दिया। आदेश के 29 अप्रैल 2015 को हुए इस आदेश का आज तक पालन नहीं किया गया। इसको लेकर हरीलाल ने मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर अपात्रों से आवास की धनराशि की रिकवरी कराने की मांग की है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों से इस मामले को लेकर जवाब मांगा है।
क्या कहते है अधिकारी
डीपीआरओ कमल किशोर ने बताया कि आवास को दी गई धनराशि की रिकवरी करना खंड विकास अधिकारी का काम है। इसको लेकर उनके पास अन्य कोई जानकारी नहीं है।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ