बहराइच। एसओजी व एसपीज स्पेशल टीम ने संयुक्त रूप से दबिश देकर नकली नोटों के दो सौदागरों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस टीम द्वारा बरामद जाली नोटों का ज़खीरा।
उनके पास से भारी मात्रा में नकली करेंसी व नकली नोट छापने के उपकरण बरामद किए हैं। फखरपुर इलाके के रुकनापुर जलालपुर में झोलाछाप डाक्टर अपने भाई के सहयोग से यह गोरखधंधा चला रहा था।
एसपी जुगुल किशोर ने बताया कि फखरपुर थाने के रुकनापुर जलालपुर चौराहे पर जियाउद्दीन की किराना की बड़ी दुकान है। शुक्रवार की देर शाम यहां सलमान नाम का एक युवक दो हजार रुपए का नोट लेकर सामान खरीदने पहुंचा था।
खरीदारी के बाद सलमान ने किराना व्यवसायी जियाउद्दीन को दो हजार रुपए का नोट दिया। व्यवसाई ने नोट को परखा तो उसे नोट जाली होने की आशंका हुई। इस पर जियाउद्दीन ने ग्राहक सलमान को दुकान पर खुदरा मंगाने के बहाने बैठा लिया। कारोबारी ने चुपचाप पुलिस को जानकारी दे दी। एसपी ने इसकी भनक लगते ही स्वाट टीम प्रभारी नवीन मिश्रा, एसएसटी प्रभारी केके यादव व महिला थानाध्यक्ष मंजू पांडेय को दबिश देने के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई कर सलमान को हिरासत में लिया। उससे फखरपुर थाने लाकर पूछताछ की गई। इस दौरान सलमान ने बताया कि उसे यह नोट जलालपुर रुकनापुर गांव निवासी डाक्टर रिजवान अहमद ने समान खरीदने के लिए दिया था और कहा था कि पांच सौ रुपये का सामान खरीदना, बाकी 1500 रुपये वापस ले आना।
सलमान की ओर से यह जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने डा. रिजवान के घर छापेमारी कर मौके से 56,500 रुपये के विभिन्न नोट और उसके भाई कामरान के मेडिकल स्टोर से 36,140 रुपए बरामद कर लिया। तलाशी लेने पर कमरे से कम्प्यूटर, उपकरण व स्कैनर के साथ 500 रुपये की नोट के छह हजार रुपये और 2000 रुपये की नोट के 24 हजार रुपये अर्धनिर्मित नोट बरामद हुए।
कम्प्यूटर में चेक किया गया तो उसमें फोटोशाप साफ्टवेयर, कोरल व आधुनिक सॉफ्टवेयर मौजूद मिले। डा. रिजवान अहमद के पास से बीएएमएस की फर्जी मुहर सहित डिग्री और अन्य कई मुहर बरामद हुई। इस पर टीम ने डा. रिजवान अहमद व मेडिकल स्टोर संचालक कामरान अहमद को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार दोनों आरोपियों पर नकली नोट छापने व धोखाधड़ी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।बहराइच पुलिस द्वारा एसटीएफ की मदद लेते हुवे अभियुक्तो से पूछताछ की जाएगी ।



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