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बहराईच जिले में बढ़ रहा झोला छाप डॉक्टरों का मकड़जाल,जिम्मेदार मौन


बिछिया (बहराइच)।प्रदेश में स्थित तराई के जिले में मौसम का मिजाज अक्सर बदलता नज़र आता है। बदलते मौसम में आम जनमानस का बीमार पड़ने एक आम बात है,इण्डो-नेपाल बॉर्डर पर बसे जिला बहराइच में इस वक़्त फ़र्ज़ी डॉक्टरों का मकड़ जाल अपने आप को एक मजबूत स्थिति में काबिज कर चुका है। ज़िम्मेदारो कि मिली भगत से जिले के हर क्षेत्र में झोला छाप डॉक्टर देखे जा सकते है। और इन्ही डॉक्टरों के हाथों गँवा देते है कुछ मरीज अपनी जान। हाल में हुवा एक मामला प्रकाश में आया है, सुजौली बाजार में क्लीनिक चला रहे एक झोलाछाप ने गर्भवती का प्रसव कराने के लिए पांच हजार पर ठेका लिया। महिला ने बेटे को जन्म दिया। लेकिन प्रसव के दौरान ही उसकी मौत हो गई। परिवारीजन नवजात का अंतिम संस्कार करने गए तो लौटने पर महिला की भी तबियत बिगड़ गई। कुछ देर बाद महिला की भी मौत हो गई। तब कोहराम मचा। परिवारीजनों ने कथित डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इस मामले में पीड़ित परिवार ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है। वहीं पुलिस तहरीर मिलने का इंतजार कर रही है।

सुजौली थाना अंतर्गत सुजौली टेपरा गांव निवासी रमेश की पत्नी चांदनी (25) को शनिवार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार के लोगों ने पहले घर पर ही प्रसव कराने की कोशिश की। लेकिन हालत बिगड़ते देख महिला को आननफानन सुजौली बाजार में संचालित एक झोलाछाप के क्लीनिक पर पहुंचाया। इस क्लीनिक का संचालन लखीमपुर निवासी एक युवक कर रहा है। कथित चिकित्सक ने प्रसव कराने के लिए आठ हजार रुपये की डिमांड की। लेकिन परिवार के लोगों ने इतनी रकम अदा कर पाने में असमर्थता जतायी। सौदेबाजी के बीच पांच हजार पर प्रसव का ठेका हुआ। कथित चिकित्सक ने प्रसव व उस पर खर्च होने वाली दवाआें के लिए पांच हजार ले लिया। एक घंटे बाद महिला ने बेटे को जन्म दिया। लेकिन प्रसव के समय ही उसकी मौत हो गई। कथित चिकित्सक ने परिवारीजनों पर आरोप मढ़ते हुए महिला को देर से लाने की बात कही। शोकाकुल परिवारीजन नवजात का शव लेकर अंतिम संस्कार को चले गए। शव दफना कर जब लोग लौटे तो प्रसूता की हालत बिगड़ी हुई थी। अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। सांस भी उल्टी चल रही थी। कुछ देर में उसने भी दम तोड़ दिया। इस पर परिवारीजन बिलख पड़े। क्लीनिक पर हंगामे की स्थिति बन गई। आसपास के लोगों के समझाने बुझाने पर बिलख रहे परिवारीजन शव लेकर घर चले गए। महिला का अंतिम संस्कार करने के बाद पति रमेश ने लखीमपुर निवासी कथित चिकित्सक पर पत्नी के प्रसव में हीलाहवाली बरतने का आरोप लगाते हुए सीएमओ व स्वास्थ्य निदेशक को पत्र लिखा है। रमेश का कहना है कि पांच हजार रुपया लेने के बाद भी डॉक्टर ने सही से इलाज नहीं किया। इससे जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। इस मामले में सुजौली थानाध्यक्ष अफसर परवेज से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जच्चा-बच्चा की मौत और हंगामे का मामला सामने आया है। लेकिन अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर उसी के अनुरूप कार्रवाई करेंगे। 
दो कमरों में करता है क्लीनिक का संचालन
सुजौली बाजार में लखीमपुर निवासी चिकित्सक दो कमरों में क्लीनिक का संचालन करता है। खुले में ही प्रसव भी कराया जाता है। इस मामले में लोगों ने कई बार आवाज भी उठाई, लेकिन महकमे के अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। 
आप चुप रहिए हो जाएगा मैनेज
जच्चा-बच्चा की मौत और हंगामे के मामले में कथित चिकित्सक से जब बात की गई तो बोले मीडिया के लोग चुप रहें। सब मैनेज कर लूंगा। इस दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया तो उन्हें धमकी भी दी गई। 
सीएमओ बोले, जांच के बाद होगी कार्रवाई
सुजौली में निजी क्लीनिक पर प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार पांडेय का कहना है कि पूरे मामले की सघनता से जांच कराकर दोषी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। क्लीनिक के लाइसेंस और डॉक्टर के डिग्री की भी जांच होगी।

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