कार्यवाई की मांग पर घोटाले बाज को दी जा रही जांच, कितनी बार और होगी जांच
गोण्डा। जिले में एक से बढ़कर एक घोटाले का पर्दाफाश होने के बावजूद नये-नये घोटाले प्रकाश में आ रहे है तहसील दिवस से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत करने पर जांच में शिकायत की पुष्टि भी हुयी लेकिन मुकदमा अब तक दर्ज नही किया गया। हद तो तब हो जाती है जब शिकायतकर्ता जांच सिद्ध होने पर कार्यवाई के लिए प्रार्थना पत्र देता है तो पुनः कार्यवाई न कर जांच के लिए आदेश वह भी वह भी घोटालेबाजों को सौंपी जाती है।
बताते चले मामला जिले के कृषि विभाग का है जहाँ फर्जी खसरा खतौनी के नाम पर लाखों रुपये के अनुदान का विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों ने बन्दरबांट कर लिया। भदवां सोमवंशी ग्राम निवासी ननके वर्मा पुत्र धोखई द्वारा एक अगस्त 2017 को तहसील दिवस में शिकायती पत्र दिया गया जिसमें कहा गया कि भदवा सोमवंशी निवासी सावित्री देवी व सावित्री देवी पत्नी राम भवन पुत्र धनीराम व कृषि विभाग के अधिकारी कर्मचारी वर्ष 2014-15 में फर्जी यंत्रों का अनुदान फर्जी खसरा खतौनी फर्जी इंजन का बिल बाउचर लगाकर बन्दरबांट कर लिया गया है। पत्र में कहा गया है कि सावित्री देवी पत्नी राम भवन उप कृषि निदेशक व कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी को मिला कर कृषि रक्षा यन्त्र के तहत इंजन की सब्सिडी दस हजार रुपये इलाहाबाद बैंक विशुनपुर बैरिया के अलग-अलग तीन खातों से भूमि खाता सं0 300/0.5630 हे0, 665/01.190 हे0 भूमि खाता सं0 00123/0.564 खतौनी लगाकर प्राप्त किया है। उक्त लोगों द्वारा राजस्व अभिलेखों में हेरा फेरी किया गया। उक्त प्रकरण में 16 अगस्त 17 को परगनाधिकारी ने कोतवाल देहात से जांचकर एक सप्ताह में रिपोर्ट तलब किया प्रकरण की जांच कर कोतवाल अशोक कुमार सिंह 20 अगस्त को अपने जांच रिपोर्ट में लेखपाल के वार्ता का जिक्र करते हुए कहा गया कि भदुवा सोमवंशी में कुल 590 खातेदार है जबकि लाभार्थी ने 665 लगाकर लाभ लिया गया है। प्रथम दृष्टया जांच करने से ज्ञात हुआ है कि घटना में कृषि विभाग की संलिप्तता है। क्यों लोगों ने दबी जुुबान बताया कि कृषि विभाग में ऐसे अनेक अपात्रों को लाभवन्वित किया गया है। यह भी सम्भव है कि इसमें कृषि विभाग के कतिपय लोग शामिल हो। रिपोर्ट में किसी उच्चाधिकारी से जांच कराने की बात कही गयी है। यही नही लेखपाल योगेन्द्र बहादुर सिंह ने अपने रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा है कि खाता सं0 665 गाटा ही नही है। कुल 550 खाते ही है। उकत रिपोर्टो से फर्जीवाड़ा स्पष्ट हो गया इसके बावजूद कार्यवाई नहीं की गयी। शिकायतकर्ता पुनः आयुक्त, जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट संलग्न करते हुए शिकायती पत्र दिया तो अधिकारियों ने पुनः कृषि विभाग को जांच कर कार्यवाई करने का निर्देश दिया है। जिससे यह तो स्पष्ट हो गया है। कि जिला प्रशासन कार्यवाई ही नही करना चाहता है शिकायतकर्ता अब थक हार कर मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में मिल कर कार्यवाई की मांग करेगा।


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