सत्येन्द्र खरे
यूपी के सहकारी समिति के कर्मचारी आज से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए है | सहकारी समितियों के कर्मचारियों का आरोप है कि प्रदेश की सरकारों ने उनके साथ धोखा किया है | उनको दिए जाने वाले वेतन और भत्तो को ख़त्म करके उन्हें भुखमरी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है | ऐसे में हड़ताल कर वह ऋण मोचन और किसानो के खाद बीज का वितरण बंद कर दिया है | इस हड़ताल के बाद से कौशाम्बी के तकरीबन 3 लाख किसान की गेहू की बोवाई सीधे प्रभावित होगी |
कौशाम्बी के सहकारी समिति सघ के अध्यक्ष राम विलाश यादव का कहना है कि सबसे पहले बीजेपी सरकार ने उनके वेतन भत्तो की नियमावली के बदलाव लाकर उन्हें कमीशन आधारित कर्मचारी बना दिया | जिसके चलते अब प्रदेश के सभी सहकारी समिति में काम करने वाले कर्मचारी बदहाल और भुखमरी की कगार पर आ गए है | सरकार इस बार जब तक उन्हें नियमित वेतन और भत्ते नहीं देगी वह काम कर नहीं लौटने वाले है |
वीडियो :राम विशाल यादव , अध्यक्ष, सहकारी समिति सघ
आज कौशाम्बी की 64 सहकारी सहकारी समितियों के 120 कर्मचारियों के साथ प्रदेश के 15 जिलो के कर्मचारी सामूहिक हड़ताल और इस्तीफ़ा प्रदेश सरकार को दिए है | जरुरत पड़ेगी तो वह प्रदेश सरकार की योजनाओ में ऋण मोचन योजना और खाद बीज का वितरण भी बंद कर देगे |
सहकारी समितियों के कर्मचारियों के अचानक अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने के बाद से खाद और बीज न मिलने से जिले के तकरीबन 3 लाख किसान की खरीब की फसल की बोवाई सीधे प्रभावित हो रही है |


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