तो योगीराज में भी महिलाएं सुरक्षित नही
गोण्डा। प्रदेश सरकार भले ही महिलाओं के साथ हो रहे अपराध को लेकर काफी संवेदनशील हो लेकिन अपनी मित्र पुलिस महिलाओं के साथ हो रहे अपराध को लेकर सिर्फ कागजी खानापूर्ति करती है। इस बात की बानगी एक विधवा महिला की दबंगों द्वारा की गयी बेरहमी से पिटाई की। वह अब भी दर्द से कराह रही है। पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली।
प्रकरण कौड़िया थाना के कस्बा आर्यनगर से जुड़ा है। यहाँ की निवासिनी सीमा गुप्ता का कसूर सिर्फ इतना था उसके ढाई वर्षीय बेटे ओंकार ने अपने बड़े दादा के लाई व चिवरवा के दुकान पर समोसा खाते वक्त गिर पड़ा फिर क्या पूछना था, उसके जेठ राम चन्दर व उसका लडक गुल्लू तथा ससुर मुषैली ने उसकी मां सीमा को इतनी बेरहमी से पीटा की यही नही सुनियोजित तरीके से ऐसे नाजुक अंगों पर चोट पहुंचायी की वह किसी को दिखा भी न सकें। बताया जाता है कि इन लोगों द्वारा पूर्व में महिला के साथ दुराचार करने की कोशिश भी की थी। पीड़ित महिला की बात पर भरोसा करें तो उसे महज इसलिए प्रताड़ित किया जा रहा है कि वह घर छोड़कर चली जाये, क्योंकि विगत एक वर्ष पूर्व उसके पति की मृत्यु हो गयी है। इस सम्बन्ध में जब थानाध्यक्ष कौड़िया शैलेन्द्र कुमार राय ने बताया कि एनसीआर दर्ज है। डाक्टरी रिपोर्ट के आधार पर धाराओं में बढोत्तरी की जायेगी।


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