लक्ष्मनपुर गौरिया के नव युवक की मौत की अभी तक नही दर्ज हुई रिपोर्ट।
गोण्डा/वजीरगंज:- वजीरगंज क्षेत्र के लक्ष्मन पुर गौरिया के नवयुवक की मौत की मिस्ट्री को पुलिस ने फुटबॉल बना दिया है। दो थानों वजीरगंज और मनकापुर के बीच की पुलिस इस केस को फुटबॉल की तरह खेल रही है। मनकापुर की पुलिस यह कह कर पल्ला झाड़ रही है कि चूंकि मृतक का निवास वजीरगंज थाने के क्षेत्र में आता है इस लिए वजीरगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए, जबकि वजीरगंज की पुलिस कह रही है कि वारदात मनकापुर पुलिस कोतवाली क्षेत्र में हुई है इस लिए एफआईआर वहीं दर्ज होनी चाहिए। इस तरह से दो थानों के बीच मे मृतक का परिवार चकरघिन्नी बन कर रह गया है। कहने को तो मित्र पुलिस है मगर मित्रता दूर दूर तक छू नही गई है। मृतक के चाचा नागेश्वर का कहना है कि मैं तहरीर ले कर पहले वजीरगंज थाने में गया। वहाँ से मुझे यह कह कर बैरंग वापस कर दिया गया कि वारदात मनकापुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत हुई है इस लिए वहा जाओ, और जब मनकापुर कोतवाली गया तो कोतवाल दद्दन सिंह ने कहा कि मृतक वजीरगंज थाने का निवासी है इसलिए एफआईआर वही दर्ज होगा । इस तरह से दो थानों के बीच में मृतक का परिवार फुटबॉल की तरह ठोकरें खा रहा है लेकिन इन पुलिस वालों का दिल नहीं पसीज रहा है। मृतक कृष्ण कुमार की मौत अभी भी एक अनसुलझी हुई पहेली बनी हुई है कि कृष्ण कुमार की मौत हत्या है कि आत्महत्या या फिर दुर्घटना। पुलिस इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कह रही है की मौत ट्रेन की ठोकर लगने से हुई है । वही घर वाले पुलिस की इस थ्योरी को मानने को कतई तैयार नहीं है । दूसरी तरफ जनमानस में भी इस बात की चर्चा है की यदि मौत ट्रेन की ठोकर लगने से हुई तो यह ट्रैक तक गया कैसे ? उसको ट्रेन की ट्रैक तक ले जाने वाला आखिर कौन था ? और यदि आत्महत्या माना जाए तो तो उसके पीछे कारण क्या हो सकते हैं। दीपावली के दिन जब सब कुछ ठीक-ठाक था तो आत्महत्या के क्या कारण हो सकते हैं ? मृतक के चाचा नागेश्वर का कहना है कि पुलिस कृष्ण कुमार की मोबाइल को ट्रेस क्यों नहीं कर रही है। मोबाइल ट्रेस करने पर काफी कुछ हकीकत सामने आ सकती है घर से निकलने से पहले उसकी किससे और कहां-कहां बात हुई । घर से निकलने से पहले उसकी बात किसी लडकी से हुई कि लड़के से ? वह बाहर किसी के बुलाने से गया कि कोई उसे ले गया यह सभी सवाल अभी तक अनुत्तरित हैं , और मामला दो थानों के बीच में फंसकर रह गया है । यदि थाना वजीरगंज और कोतवाली मनकापुर की पुलिस इस काण्ड से बच रही है तो उच्च अधिकारी आखिर क्या कर रहे हैं ?उच्च अधिकारियों ने अब तक आखिर इस मामले को संज्ञान में क्यों नहीं लिया ,जबकि छोटे-छोटे मामलों में भी पुलिस एड़ी से चोटी का जोर लगा देती है।


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