अमरजीत सिंह
फैजाबाद:रौनाही थाना क्षेत्र के गांव करेरु में बिबादित भूमि से एक पक्ष द्वारा बिबादित खेत से धान कटवाने की कोशिश करने का मामला सामने आया है जानकारी हुई तो दूसरे पक्ष ने डायल 100 पर फोन किया तो पीआरबी 913 व 911 दोनों आ गई और काफी मसक्कत के बाद धान काटने से रोक दिया और दोनों पक्षों को थाने पर तलब कर लिया मंगलवार की दोपहर देवराकोट निवासी जिला पंचायत सदस्य आशा सिंह के पति अर्जुन कुमार सिंह उर्फ गुड्डू बाबा करेरु गांव के मजरे कलवारन का पुरवा में धान कटवाने पहुंचे थे इस भूमि पर कल ही यानि सोमवार को चकबंदी अधिकारी के न्यायालय से गुड्डू बाबा के पक्ष के रामगोपाल जायसवाल के एक पक्ष में एक फैसला आया है जिसमें बिबादित भूमि करेरु की गाटा संख्या 486 तथा कोटडीह सरैंया की भूमि गाटा संख्या 498 को राम अभिलाख के तथा कथित वारिस रामगोपाल के नाम दर्ज करने का आदेश जारी हुआ है जब कि इसी जायदात पर दूसरा पक्ष बृजबिहारी जायसवाल मृतक राम अभिलाख के बतौर दत्तक पुत्र काबिज हैं और उन्होंने गांव के ही रमेश जैसवाल को मुख्तार बनाकर खेती करने के लिए दिया हुआ है
प्राप्त जानकारी के मुताबिक करेरु निवासी राम अभिलाख बर्षो पूर्ब नेपाल जाकर वहां के बासिन्दा हो गये थे और उन्होंने बृजबिहारी को अपना दत्तक पुत्र बना लिया था। जिस गोदनामा दस्ताबेज को चकबन्दी अधिकारी ने दूसरे देश का बताकर नजर अंदाज कर दिया हलांकि बीच मे की गई मुकदमे बाजी में बृजबिहारी एक मुकदमा हार गए थे जिसे उनकी अदम पैरबी में खारिज कर एक पक्षीय फैसला कर दिया गया था जिससे पूरी आराजी रामगोपाल के नाम चली गई जिसको उन्होंने बेच डाला मामला अदालतों में चलता रहा और कब्जा न पाने की स्थिति में यह आराजी तीन बार बिकी जिस पर अब गुड्डू बाबा दावा कर रहे हैं प्राप्त कुछ आदेशों और पक्षकारों के अनुसार अभी इस आराजी पर दीवानी और उच्च न्यायालय में मामला विचाराधीन है जिसमें उच्च न्यायालय ने अंतरिम आदेश तक कब्जेदार के कब्जे पर दखल न करने की बात कही है। ऐसे में चकबन्दी अधिकारी के न्यायालय का आदेश कितना प्रभाबी होगा यह तो राजस्व विभाग के अधिकारी ही तय करेंगे कि दूसरे की बोई हुई फसल दूसरा कटेगा या नहीं मामले पर सीओ सदर अरबिन्द चौरसिया ने बताया कि अभी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम और त्योहार की ब्यस्तता के चलते दोनों पक्षों को रोक दिया है उसके बाद ही जमीन के मामले को देखा जायेगा


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