गोण्डा। टैक्स बार एसोसिएशन के बैनल तले अधिवक्ताओं ने व्यापार कर भवन में तालाबन्दी कर वित्तमंत्री को सम्बोधित पन्द्रह सूत्री ज्ञापन डीएम को सौपा।
वित्तमंत्री को भेजे गये ज्ञापन में कहा गया है कि नये विधान व संक्रमण काल पर विचार करते हुए विलम्ब शुल्क की व्यवस्था मार्च 2017 तक स्थगित की जाये तथा फार्म 3 वी प्रस्तुत करने में विलम्ब होने पर डण्ड समाप्त किया जाये। यही नहीं फार्म 3 वी जीएसटी विधान का अंग नही है इसे पूरी तरह से समाप्त किया जाये। व्यापारी द्वारा विलम्ब शुल्क के रूप में जमा की गई राशि स्वतः कैश लेजर में जमा की जाये। तथा अपवाद स्वरूप आरोपित होने पर विलम्ब शुल्क की राशि को अधिकतम दो हजार की जाये। जीएसटी आर 1, 2, 3 के प्रारूप को और सरल किया जाये। तथा जीएसटी की जानकारी पूर्णरूप से न होने के कारण अभी तक प्रस्तुत किये गये विभिन्न पत्रों की त्रुटियों को सुधारने की व्यवस्था बनाई जाये। इसके साथ ही साथ एचएसएन कोड की व्यवस्था अव्यावहरिक है इसे समाप्त किया जाये। कैश लेजर में जमा की गई राशि को व्यापारी द्वारा विवरण प्रस्तुत करते समय व्यपारी को सुविधानुसार देय कर में समायोजित करने की व्यवस्था की जाये। समाधान के व्यापारियों का पोर्टल सक्रिय किया जाये। सितम्बर के बाद अथवा इसके पूर्व समाधान में गये समस्त व्यापारी जुलाई 2017 से ही समाधान में माने जाये तथा उनके आवक की सीमा डेढ़ करोड़ मानी जाये। इसके अतिरिक्त कर विभिन्न दरों का वर्गीकरण कम किया जाये। जीएसटी विधान में संसोधन से पूर्व व्यापार मण्डल अधिवक्ता संघ टैक्स प्रेक्टिक्सनर से भी सुझाव आमंत्रित किया जाये। इसमें अनुभवी अधिवक्ताओं को सम्मिलित किया जाये। जनपद, मण्डल, व राज्य स्तर पर जीएसटी सलाहकार परिषद गठित किया जाये। जिसमें अधिवक्ताओं को नामित किया जाये। इस अवसर पर बिन्द बहादुर सिंह, देवनाथ शुक्ल, हेमन्त कुमार पाण्डेय, एसएस राय, ललित कुमार तिवारी, संतोष कुमार रावत, यदुनन्दन शुक्ला, महीप कुमार मिश्रा, संतोष कुमार सिंह, देवनाथ शुक्ला, रघुनन्दन शुक्ला, अनिल कुमार सिंह, प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव सहित सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता गण मौजूद रहें।


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