राकेश गिरी
बस्ती । आयुर्वेदिक और यूनानी अस्पतालों की स्थिति में गुणात्मक सुधार तभी होगा जब उन्हें विकास के स्वतंत्र अवसर और संसाधन उपलब्ध कराये जायेंगे। यह विचार राजकीय आयुर्वेदिक यूनानी फार्मासिस्ट संघ के प्रदेश अध्यक्ष विद्याधर पाठक ने व्यक्त किया। वे मंगलवार को संघ के जिला इकाई द्वारा आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।
कहा कि आयुर्वेदिक और यूनानी अस्पतालों को पूर्व की स्थिति में प्रभावी बनाकर रिक्त पड़ी जमीनांें पर भवन निर्माण कर चिकित्सकों, फार्मासिस्ट, स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाय। प्रदेश में आर्युवेद के 400 एवं यूनानी के लगभग 120 फार्मासिस्ट के पद रिक्त है जिनकी भर्तियां सुनिश्चित कराया जाय। बताया कि काउन्सिंलग के बाद भी रिक्त पदों पर भर्ती नहीं की गई। इस दिशा में संघ लगातार प्रयासरत है।
कहा कि आयुर्वेदिक और यूनानी क्षेत्र के संवर्ग पुर्नगठन की पत्रावली लम्बित है। एलोपैथिक फार्मासिस्टों की तरह आयुर्वेदिक और यूनानी संवर्ग को भी प्रभारी अधिकारी, विशेष कार्याधिकारी, संयुक्त निदेशक, उप निदेशक आदि के पदों का सृजन कर पदोन्नित किये जाने के लिये संघ निरन्तर सक्रिय है।
कलेक्टेªट परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रान्तीय संगठन सचिव कृष्णानन्द पाण्डेय, रामनरायन चौधरी, मण्डलीय सचिव राम प्रकाश सिंह, संगठन सचिव यूनानी शीतला प्रसाद पाण्डेय, प्रमोद शुक्ल, दिनेश पाण्डेय, ओम प्रकाश पाण्डेय, राकेश सिंह, जयनाथ सिंह आदि उपस्थित रहे।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ