गोण्डा। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन द्वारा अबुल कलाम के स्मारक पर माल्यार्पण कर जयंती के आयोजन को जिलाधिकारी के पिता के देहान्त की खबर सुनकर शोक सभा में तब्दील हो गई।
ज्ञातव्य हो कि महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत प्रथम शिक्षा मंत्री मोलाना अबुल कलाम आजाद मुस्लिम राष्ट्र पाकिस्तान के सिद्धांत का विरोध किया। विरोध आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में कई बार वे जेल गये तथा देश में ग्यारह वर्षों तक शिक्षा मंत्री रहें। जंगे आजादी में आजाद जी गोण्डा जेल में निरुद्ध रहें और क्रांतिकारियों के आंदोलन को जेल के अन्दर से ही संचालित करते रहें। इनका नाम जेल के शिलापट पर भी अंकित है। अबुल कलाम के आज जयंती के अवसर पर लोग जयंती मनाने लोग एकत्रित हुए थे लेकिन तब तक जिलाधिकारी के पिता के देहांत की खबर सुनकर जयंती समारोह शोक सभा में तब्दील कर दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज सेवी धर्मवीर आर्य ने की। कार्यक्रम में विजय बरवार, शाहिदा खातून, शाहिद अली, आलोक कुमार मिश्र, जे0पी0 श्रीवास्तव, पवन मौर्या आदि लोग मौजूद रहें।


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