गोण्डा। जिलानिर्वाचन अधिकारी ने यह भी बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन के अनुसार ऐसे मतपत्र जिन पर निर्वाचक की पहचान की जा सकती हो, नकली मतपत्र हो,मतपत्र क्षतिग्रस्त अथवा विकृृत हो, विशिष्ट मतदान स्थल पर उपयोग हेतु प्राधिकृत मतपत्रों की स्थिति, क्रम संख्या और रूपांकन हो, िकसी भी निर्वाचन क्षेत्र में भरी जाने वाली अपेंक्षित सीटों की संख्या से अधिक अभ्यर्थियों के पक्ष में मतपत्र पाए जाने पर, यदि मतपत्र पर कोई अभिमत अभिलिखित न हो, मतपत्र पर चिन्ह लगाने के अलावा किसी अन्य उपकरण से चिन्ह लगाया गया हो, यदि मतपत्र पर लगाये गए चिन्ह से यह न स्पष्ट हो कि मत किस प्रत्याशी का दिया गया है, यदि मतपत्र पर सुभ्ािन्नक सील न लगी हो और यदि मतपत्र पर पीठीसीन अधिकारी के हस्ताक्षर ने हों तो मतपत्र को अवैध करार दिया जाएगा।


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