गोण्डा। लाल बहादुर शासत्री महाविद्यालय शिक्षक संघ द्वारा एआईएफयूसीटीओ के आहवान पर सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने तथा अन्य दूसरी लम्बित मांगों के समर्थन में काली पट्टी बाँध कर विरोध प्रदर्शन किया गया। महाविद्यालीय शिक्षकों की राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक स्तर पर कई बुनियादी मांगे लम्बित हैं। केन्द्र और राज्य में एक ही राजनीतिक दल की सरकार होने पर भी केन्द्र की तरह राज्य सरकार अपने शिक्षकों की किसी भी मांग को पूरा करने के बजाय उलझाने में तत्पर है।
धरने पर उपस्थित शिक्षक साथियों को सम्बोधित करते संघ के अध्यक्ष डा0 शैलेन्द्र नाथ मिश्र एवं मंत्री डा0 मंशाराम वर्मा ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि शिक्षक राष्ट्रनिर्माता होता है। अध्ययन-अध्यापन एवं समाज को दिशा देना उसका प्रमुख कर्तव्य है किन्तु वर्तमान सरकारें उसको दूसरे कार्यों में उलझा रही है। उसको वेतन जैसे सामान्य विषय को लेकर आन्दोलित होना पड़ रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। सरकार को इनकी उपेक्षा नही करना चाहिए। समस्त लम्बित मांगों को मानकर राष्ट्रनिर्माण में सहयोग करना चाहिए। भविष्य में सरकार की शिक्षकों के प्रति उदासीनता का शिक्षक संघ विरोध करता रहेगा। इस अवसर पर डा0 ए.पी. तिवारी, डा0 हरि प्रकाश श्रीवास्तव, डा0 बी0पी0 सिंह, डा0 रंजन शर्मा, डा0 बजरंग बली श्रीवास्तव, डा0 रामसमुझ सिंह, डा0 वी0सी0 एच0एन0के0 श्रीनिवास राव, डा0 विश्व दीपक, डा0 दमयन्ती तिवारी, डा0 शशिमाला, डा0 जी0एल, प्रजापति, डा0 विजय कुमार अग्रवाल, डा0 जयशंकर तिवारी आदि सम्मानित सदस्यगण उपस्स्थित रहें।


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