बहराईच बच्चों को पैसे की अहमियत सिखाएं: पाण्डेय।
वित्तीय समावेशन कार्यक्रम अंतर्गत 52 समूहों में मिला 26 लाख ऋण।
बहराइच ( मिहींपुरवा ) उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के इंटेंसिव विकासखंड मिहीपुरवा में वित्तीय समावेशन एवं साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन कमल मसाला उद्योग, बखाडिय में नारी शक्ति संकुल स्तरीय संघ के तत्वावधान में किया गया है।
यू पी एस आर एल एम के वित्तीय समावेशन सलाहकार डीके पाण्डेय और इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, शाखा चफरिया के प्रबंधक वीरेंद्र कुमार पटेल द्वारा 52 समूह की ऋण पासबुक वितरित किया गया । श्री पाण्डेय ने बताया कि दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसमें गांव की गरीब महिलाओं को समूह एवं ग्राम संगठन से जोड़कर वित्तीय सहायता दी जा रही है। इन्हें स्व-प्रबंधित संस्था के रूप में विकसित किया जा रहा है। वित्तीय समावेशन अंतर्गत समूह का प्रथम क़िस्त 50,000 रुपये बैंक ऋण दिया जाता है। उन्होंने कहा कि समाजोत्थान में महिलाओं की भूमिका अहम है । समाज और बैंक द्वारा महिलाओं का उत्साहवर्धन आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को भी पैसों की अहमियत सीखने की सलाह महिलाओं को दिया। मौके पर सदस्यों ने फूल माला से स्वागत किया।अपने तीन दिवसीय भ्रमण के दौरान मिहींपुरवा के सभी बैंकों के प्रबंधक से संपर्क कर समूह के प्रति संवेदनशील होने की अपील की। सौर ऊर्जा स्टडी लैंप के दोनों असेंबम्बल केंद्र का निरीक्षण भी किया गया।वीरेंद्र कुमार पटेल, शाखा प्रबंधक द्वारा बैंकों में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि समय से किस्त अदायगी करने पर समूह को ब्याज में 3% की छूट मिलेगी अर्थात 7 के बजाय 4% वार्षिक ब्याज दर से ऋण चुकाना होगा।राजेश कुमार,उपायुक्त स्वरोजगार ने कहा कि लोग ज्यादा लाभ के लालच में गैरकानूनी स्कीम्स में फंसकर अपनी पसीने की गाढ़ी कमाई गंवा बैठते हैं। इनकी मुक्ति फाइनेंसियल इंक्लूजन के बिना नहीं हो सकती है । उन्होंने महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग देने की बात कही। ब्लॉक एंकर पर्सन, नंदकिशोर साह ने कहा की चफरिया शाखा में कुल 102 समूहों का बचत खाता खुला है। इसमें से 99 समूह को ₹15000 -15000 रिवॉल्विंग फंड एवं 84 समूह को सामुदायिक निवेश निधि, प्रत्येक को 110000 रूपय और 52 समूह को बैंक ऋण प्रत्येक को ₹50000-50000 दिया जा चुका है। सभी समूह चफरिया, कारिकोट, बजपुरबनकट्टी और रामपुरवा मटेही की हैं।
क्या है फिनान्सियल इंक्लूजन जाने
फिनासियल इंक्लूजन से मतलब देश के उन करोड़ों लोगों को वित्तीय सेवाओं, बचत और निवेश की प्रक्रिया से जोड़ने से है, जो किसी कारण से अब भी बाहर है। बैंकिंग सेक्टर के रेगुलेशन के साथ साथ रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया भी फिनांसिअल इंक्लूजन की मुहिम चला रही है। आरबीआई का जोर कमजोर तबके और कम आमदनी वाले समूह को इसके दायरे में लाने पर है। डीके पाण्डेय, यू पी एस आर एल एम के वित्तीय समावेशन सलाहकार धन का बेहतर प्रबंधन करके वर्तमान और भविष्य को वित्तीय मामलों में सुरक्षित करना ही वित्तीय साक्षरता है। वीरेंद्र कुमार पटेल, शाखा प्रबंधक, इलाहाबाद यू पी ग्रामीण, चफरिया में मौके पर संकुल संघ के लक्ष्मीना, उषा देवी, गीता देवी, माहेलका, नेहा, ललिता देवी, पी आर पी राम विनय प्रसाद गुप्ता, मनीष चंचल, चंदन कुमार, राजकुमार सिंह, अनुराग पटेल प्रेम कुमार श्रीवास्तव सहित कई लोग उपस्थित हुए।



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