Type Here to Get Search Results !

Action Movies

Bottom Ad

सुल्तानपुर:भूमि विवाद निस्तारण के लिये जिला प्रशासन हुआ सख्त,श्रावस्ती मॉडल के अनुसार तीन माह का विशेष अभियान -डी.एम.


ख़ुर्शीद खान
प्रति सप्ताह सोमवार व वृहस्पतिवार का दिन निर्धारित
सुलतानपुर।जिलाधिकारी हरेन्द्र वीर सिंह ने बताया कि  शासन के निर्देशानुसार भूमि विवाद से सम्बन्धित प्रकरणों के समाधान हेतु श्रावस्ती मॉडल के क्रियान्वयन हेतु जनपद में तीन माह का एक विशेष अभियान चलाया जायेगा, जिसकी अवधि 01 जनवरी 2018 से 31 मार्च 2018 तक निर्धारित की गयी है। इस अभियान के दौरान प्रति सप्ताह सोमवार व वृहस्पितिवार को प्रत्येक थाने में राजस्व व पुलिस की दो संयुक्त टीमें गठित कर चिन्हित ग्रामों में भेजी जायेंगी। जनवरी के प्रथम सप्ताह में वृहस्पतिवार का दिन निर्धारित किया गया है, जिसके अन्तर्गत प्रत्येक थानावार गठित संयुक्त टीमें चिन्हित गांव में जायेंगी और भूमि विवाद से सम्बन्धित शिकायतों का शतप्रतिशत गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करेंगी। जनवरी के दूसरे, तीसरे व चौथे सप्ताह के लिये दो दिवस सोमवार व वृहस्पितिवार का दिन निर्धारित किया गया है। उन्होंने उपजिलाधिकारियों तथा क्षेत्राधिकारियों को संयुक्त रूप से गांव का चिन्हांकन कर तथा टीमों का गठन कर पहली जनवरी तक सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी आज कलेक्ट्रेट में भूमि विवाद से सम्बन्धित प्रकरणों के समाधान सम्बन्धी बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। 
शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्यक्रम, आगे पढ़ें पूरी ख़बर
जिलाधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा निर्देशित किया गया है कि भूमि विवाद निस्तारण हेतु जनपद श्रावस्ती में एक पारदर्शी व परिणामपरक मॉडल की संरचना कर उसका सफल क्रियान्वयन किया गया, जिसके सार्थक परिणाम प्राप्त हुये। इस सम्बन्ध में शासन ने प्रदेश के सभी जनपदों में श्रावस्ती मॉडल पर एक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने सभी सम्बन्धित को निर्देशित करते हुये कहा कि यह कार्यक्रम शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्यक्रम है, जिसकी उच्च स्तर पर समीक्षा की जायेगी। इस कार्यक्रम को हम निर्वाचन की तर्ज पर लेते हुये क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सर्वप्रथम ऐसे गांव को चिन्हित करें, जहां पर सबसे अधिक भूमि विवाद के प्रकरण हैं। तत्पश्चात् थानावार राजस्व व पुलिस की 10 सदस्यीय दो संयुक्त टीमों का गठन किया जाय। इन टीमों में तहसीलदार/नायब तहसीलदार/राजस्व निरीक्षक तथा न्यूनतम् 04 लेखपालों के साथ-साथ पुलिस विभाग के एक सम्बन्धित थाना के थाना प्रभारी/उपनिरीक्षक एवं न्यूनतम् चार कांस्टेबिल को सम्मिलित किया जाय। संवेदनशील स्थानों पर कार्मिकों की संख्या में वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम माहवार तैयार किया जाय तथा टीमों की रवानगी के पूर्व उनकी ब्रीफिंग अवश्य की जाय। जिलाधिकारी ने बताया कि चिन्हित गांव में टीमों की रवानगी थाना स्तर से होगी, जो जी.डी. में दर्ज होगी। टीमों के प्रस्थान का समय प्रातः 09.00 बजे रखा गया है। उन्होंने कहा कि जिस गांव में टीम जाय, उस ग्राम के ग्रामवासियों को कम से कम एक दिन पहले समाचार पत्रों अथवा लेखपालों के माध्यम से अवश्य जानकारी दी जाय, जिससे ग्रामीण जन अपने गांव में उपस्थित रहकर अपने भूमि विवाद के प्रकरणों का निस्तारण करा सकें। जिलाधिकारी ने कहा कि संयुक्त टीमें भ्रमण के उपरान्त एक प्रमाण-पत्र देंगी कि सम्बन्धित ग्राम में अब भूमि विवाद से सम्बन्धित कोई प्रकरण शेष नहीं हे तथा गांव विवाद रहित हो गया है। इस सम्बन्ध में पक्षकारों तथा ग्राम के संम्भ्रान्त व्यक्तियों के हस्ताक्षर भी लिये जाय। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण के उपरान्त उसे आई.जी.आर.एस. पोर्टल पर दर्ज कराना अनिवार्य रहेगा। 
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक स्वयं सप्ताह में एक गांव का करेंगे दौरा
जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों तथा क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन गांवों में संयुक्त टीमें जाय, उन गांव का एक बार उपजिलाधिकारी तथा क्षेत्राधिकारी अवश्य भ्रमण कर मार्गदर्शन दें। संवेदनशील व जटिल प्रकरणों का निस्तारण उपजिलाधिकारी / क्षेत्राधिकारी की उपस्थिति में किया जायेगा। अतिसंवेदनशील तथा अतिगम्भीर प्रकरणों में अपर जिलाधिकारी तथा अपर पुलिस अधीक्षक दो ग्रामों का भ्रमण करेंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि वे स्वयं पुलिस अधीक्षक के साथ सप्ताह में एक दिवस पर एक ग्राम का भ्रमण करेंगे। बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा ने कहा कि इस व्यवस्था से अपराध व कानून व्यवस्था पर प्रभाव पडे़गा। उन्होंने थाना स्तर पर एक रजिस्टर बनाने का सुझाव दिया तथा कहा कि प्रत्येक टीम में एक-एक महिला कांस्टेबिल को अवश्य रखा जाय। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रामयज्ञ मिश्र ने कहा कि प्रत्येक चिन्हित ग्राम में सफाईकर्मी, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी 10-10 श्रमिकों के साथ उपस्थित रहेंगे, जो आवश्यकतानुसार चकमार्ग, शौचालय, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना आदि के सम्बन्ध में भूमि विवाद के प्रकरणों पर सहयोग देंगे। यह व्यवस्थायें सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी सुनिश्चित करेंगे तथा स्वयं भी कम से कम एक गांव में उपस्थित रहेंगे। बैठक का संचालन करते हुये मुख्य राजस्व अधिकारी राजकेश्वर ने बताया कि शिकायतों के चिन्हीकरण के समय विभिन्न स्त्रोतों यथा सम्पूर्ण समाधान दिवस पर प्राप्त शिकायतें,आई.जी.आर.एस. पोर्टल पर प्राप्त शिकायतें, जिलाधिकारी जनता दर्शन, मण्डलायुक्त, राजस्व परिषद व शासन स्तर से प्राप्त भूमि विवाद प्रकरणों को संकलित कर प्राथमिकता के आधार पर विशेष अभियान में लिया जाय और निस्तारण कराया जाय। 
बैठक में इन अधिकारियों की रही मौजूदगी
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) अमरनाथ राय, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) बी.डी.सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत त्रिपाठी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रणय सिंह, उपजिलाधिकारी सदर प्रमोद पाण्डेय, उपजिलाधिकारी लम्भुआ दिनेश गुप्ता, कादीपुर प्रिया सिंह, बल्दीराय चन्द्रशेखर मिश्र, समस्त क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी व सम्बन्धित थानों के थानाध्यक्ष व सम्बन्धित उपस्थित थे। 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Below Post Ad

Comedy Movies

5/vgrid/खबरे