प्रदीप कुमार गुप्ता
मसकनवा गोंडा:-नवोदित साहित्य संस्थान उ.प्र.के तत्वावधान में रविवार को राॅयलसन पब्लिक इंटर कॉलेज भोपतपुर में मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।जिसकी अध्यक्षता भूतपूर्व प्रवक्ता वयोवृद्ध श्री वासुदेव त्रिपाठी ने व संचालन डॉ.वी.एन.शर्मा ने किया।गोष्ठी सरस्वती वंदना से कवि अनन्त शुक्ला'अनंत' ने किया।गोष्ठी में दूर- दूर से आये कवियों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।युवा कवि रघुभूषण तिवारी ने आज के जमाने के ऊपर रचना पढ़ी- "जमाने की हकीकत, सभी न देख सकते हैं।दिल को कभी समझाएं, पर न रोक सकते हैं।।ये दुनिया बदनामी का, ऐसा क्षेत्र है भैया।इस दुनिया में आके, मैं दुख भोग नहीं सकता।।"
युवा कवि मनोज तिवारी ने रचना पढ़ी- "जिन्दगी एक खूबसूरत तराना है यारो,जितना जिया उतना जाना यारो।"
अम्बेडकरनगर से आये वरिष्ठ कवि राम बक्स 'सरल' ने नेताओं पर व्यंग्य पढ़ा- "अरसों बाद आये हैं, झंडू बाम लाये हैं।कर्म धर्म शर्म फर्ज को, इसमें मिलाएँ हैं।।धोखे की ओखल में, सबको कुटाए हैं।अवसर की डिबिया में, सबको भराये हैं।।"
वरिष्ठ कवि हनुमान दीन पाण्डेय 'बेधड़क' ने रचना पढ़ी- "शिक्षित जब परिवार होगा, मूलमंत्र धरु ध्यान।सबका घर हो जायेगा, सुन लो स्वर्ग समान।।बेटा- बेटी को पढ़ा कर, महान बनाओ देश।शिक्षा विन सुख शांति नहीं, यही मेरा उद्देश्य।।"
राम सूरज वर्मा'प्रकाश' ने नारियों की व्यथा पर रचना पढ़ी- "पूजा नारी की होती जहाँ शौक से, नारियां भी सतायी जाती वहाँ।प्रेम की प्रतिमा हैं जहां रमणियाँ, अपने घर में जलाई भी जाती वहाँ ।।"
कवयित्री उर्मिला वर्मा ने रचना पढ़ी- "मेरा मन समर्पित है, मेरा तन समर्पित है।ये भारत माँ तेरे लिए, मेरी जान समर्पित है।।"
अनन्त शुक्ला 'अनंत' ने पर्यावरण पर रचना पढ़ी- "हर दिल में खुशहाली आये, महके ये जग सारा।सुंदर सुखकर स्वच्छ बने, जब पर्यावरण हमारा।।"
डॉ.वी.एन.शर्मा ने हास्य की रचना पढ़ी- "पुतऊ इण्टर फेल भयो तू, गड़बड़ सारा खेल किहौ तू।विना पढ़े वियाह न होई, हेल कै मारा बेल भयो तू।।"
गोष्ठी में आये बाल कवि सूरज पटेल ने उत्कृष्ट रचना पढ़ी- "जिस माँ ने हमको जन्म दिया, लाड़ प्यार से पाला है।आज उसी माँ को क्यों तुमने, इतने कष्ट में डाला है।।"
गोष्ठी में वरिष्ठ अध्यापक श्री नागेन्द्र प्रसाद पाण्डेय,अनूप शर्मा, राज शर्मा, राजकुमार विश्वकर्मा तथा अन्य गणमान्य श्रोतागण उपस्थित रहे।



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