गोंडा। करनैलगंज विकास खंड के एक गांव में पक्के मकान में रह रहे अपात्र लोगों को प्रधानमंत्रंी आवास दे दिया गया। शिकायतों पर सुनवाई न होने पर मामला मुख्यमंत्री के कार्यालय तक पहुंच गया है। स्थानीय विकास खंड अंर्तगत ग्राम बबुरास (पैरौरी) निवासी सुरजन सिंह ने मुख्यमंत्री को शपथ पत्र सहित प्रार्थना पत्र दिया है। जिसमें कहा गया है कि उनके ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा रेवड़ी की तरह प्रधानमंत्री आवास आपात्रों को बांटा गया हैं। जब कि वास्तव में पात्र लोग आवास पाने से वंचित हैं। पत्र में कहा गया है कि आवास का लाभ पाने वाले 26 लाभार्थियों में से मात्र आधा दर्जन लाभार्थी ही आवास पाने के पात्र हैं। शेष 20 अपात्र लोगों को ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा आवास का लाभ दिलाया गया है। जिसमें राधेश्याम का बड़ा सा पक्का मकान गांव में बना है। रईश अहमद, असगर अली, जाकिर अली, मुबारक अली, मुराद अली, नसीरन, रामकरन, रामविलाश सहित अन्य लोगों का मकान पहले से बना था। जिन्हें प्रधानमंत्री आवास का लाभ दिलाया गया है। इस बारे में शिकायत कर्ता ने बताया कि डीएम व सीडीओ को प्रार्थना पत्र दिया मगर कोई कार्रवाई नहीं हुुई। तब मामले को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया गया। ग्राम प्रधान विश्वनाथ सिंह का कहना है कि किसी अपात्र को आवास का लाभ नहीं दिया गया है। आरोप गलत है। बीडीओ दिनकर विद्यार्थी का कहना है कि यदि किसी का पक्का मकान बना है या अपात्र को आवास दिया गया है तो वे स्वंय इसकी जांच करेंगे।


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