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भव्य राममंदिर निर्माण के लिये अमेठी के ये बाबा संगम नगरी में कर रहे 1.51 लाख कुंडीय विजय श्री दीप महायज्ञ


अलीम खान 
अमेठी (यूपी). राम की नगरी अयोधया में भव्य राममंदिर निर्माण के लिये जहां एक ओर पत्थर तराशे जा रहे हैं, वहीं यहां के विख्यात योगी मौनी महाराज ने संगम नगरी में पड़ाव डालकर अपने शिष्यों के साथ 1.51 लाख कुंडीय विजयश्री दीप महायज्ञ चल रहे हैं। इसमें हर दिन 51 सौ  दीप प्रज्वलित किये जा रहे हैं।
हिन्दू संरक्षण सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं मौनी महराज
गौरतलब हो कि अमेठी ज़िले के गौरीगंज गौरीगंज कोतवाली अन्तर्गत कस्बा बाबूगंज में स्थित सगरा में पीठाधीश्वर अभय चैतन्य मौनी महाराज का आश्रम है। हिन्दू संरक्षण सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौनी महराज ज़िले में हिन्दू हृदय सम्राट के नाम से प्रख्यात हैं, अयोध्या मसले पर कई बार प्रशासन ने उन्हें नजर बंद भी किया है।
संगम नगरी में यहां चल रहा शिविर
इन दिनों अयोधया में राम मंदिर के भव्य निर्माण को लेकर मौनी महाराज एक बार फिर चर्चा में हैं। वो इसलिये के संगम नगरी (इलाहाबाद) के माघ मेले में  सरस्वती मार्ग स्थित परमहंस सेवा व मीरा सत्संग आश्रम के शिविर में वह अपने शिष्यों के साथ राम मंदिर निर्माण व गंगा शुद्धीकरण के लिए दीप महायज्ञ के अनुष्ठान में लीन हैं।
इस संदर्भ में मौनी बाबा के भतीजे प्रनव मिश्रा ने बताया के मौनी महाराज जी का प्रयाग में अनुष्ठान का यह तीसरा साल है। इस पावन माघ महीने के समापन पर प्रयाग के संगम तट पर 51 हजार दीपों का दानकर महाआरती से अनुष्ठान को विश्राम दिया जाएगा। उन्होंंने बताया के इस कार्यक्रम का समापन 27 जनवरी को हो सकता है। 

इससे पूर्व मौनी महाराज प्रयाग, नासिक, काशी, अयोध्या, मथुरा, अमेठी, हरिद्वार, उज्जैन समेत तमाम शहरों में राममंदिर के लिए तीन करोड़ से अधिक दीप जलवा चुके हैं। 
दीपदान में वो देशी घी, सरसों व तिल के तेल का उपयोग करते हैं, जिसकी व्यवस्था स्वयं श्रद्धालु करते हैं।

1991 से चल रहा दीपदान अनुष्ठान
प्रनव मिश्रा ने बताया कि दीपदान का यह अनुष्ठान 1991 से चल रहा है। सर्वप्रथम मौनी बाबा ने नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर के पास स्थित सोमसरला वेद विज्ञान विश्वविद्यालय में 41 दिन की समाधि ली थी। जब उन्होंने समाधि तोड़ी तो वहां के तत्कालीन नेपाल नरेश वीरेंद्र विक्रम शाह ने चांदी के मुकुट के साथ 5100 रुद्राक्ष की मालायें भेंट स्वरूप अर्पित की थी। वहां से लौटने के बाद उन्होंनें अमेठी स्थित टीकरमाफी आश्रम में शारदीय नवरात्र में 3300 दीपों का यज्ञ करवाया था। इसके बाद से यह क्रम अनवरत जारी है। नासिक कुंभ में भी मौनी महराज ने 51 लाख दीपों का दान किए गए थे।
राममंदिर निर्माण के मुद्दे पर सहयोग करें राजनीति नहीं
वहीं अपनी इस अराधना पर मौनी महाराज ने कहा के राममंदिर निर्माण के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। सभी राजनीतिक पार्टियों को मंदिर निर्माण के लिए सहयोग करना चाहिए।
उन्होंंने कहा के राम मन्दिर बनने के बाद भी यह अनुष्ठान चलता र​हेगा, उसके बाद इस अनुष्ठान का उद्देश्य आतंक जैसी घातक बीमारी को खत्म करना होगा, और  विशिष्ट उद्देश्य समाज व देश में उत्पन्न अमानवीय कार्यों को खत्म करना है।

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