सुनील गिरी
बस्ती । सावित्रीबाई फूले ने अनेक सामाजिक यातानाओं को सहते हुये देश में नारी शिक्षा की अलख जगाया और देश केे प्रथम महिला शिक्षिका बनी। उनका योगदान सदैव याद रखे जाने की जरूरत है। यह विचार साहित्यकार एवं जिला आबकारी अनुराग मिश्र ‘गैर’ ने व्यक्त किया। वे सावित्रीबाई फूले के जयन्ती अवसर गोल्डन बर्ड सोसायटी द्वारा द सीएमएस आडिटोरियम हाल में आयोजित शिक्षा महोत्सव कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे।
कहा कि आज आधी दुनिया सेना, पुलिस, टेªन ड्राइबर, पायलट आदि की जो उड़ान भर रही है उन्हें यह बात याद रखना होगा कि जब सावित्रीबाई फूले पढाने जाती थी तो तत्कालीन समाज के लोग उन पर कीचड फेंका करते थे।
शिक्षा महोत्सव को तहसीलदार मो. जसीम, अनूप खरे, गौतम यादव, नीलम सिंह आदि ने सम्बोधित करते हुये सावित्रीबाई फूले के जीवन संघर्ष और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि वे देश में नारी शिक्षा के नींव की ईट है।
इस अवसर पर निबन्ध प्रतियोगिता, क्वीज शो, मेंहदी प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता नृत्य, के साथ ही काव्य संध्या का आयोजन किया गया। आयोजक दीपक सिंह ‘प्रेमी’ ने आगन्तुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजन में जीवीएम कान्वेन्ट, द सीएमएस, ब्लूमिंग वड्स, भारतीय शिशु विद्यालय, जी.आर.एस. इण्टर कालेज, राजकीय कन्या इण्टर कालेज के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में सत्येन्द्रनाथ ‘मतवाला, सलीम वस्तवी अजीजी, हरीश दरवेश, आतिश सुल्तानपुरी, सागर गोरखपुरी, सुधीर सिंह साहिल, हसरत वस्तवी, डा. राजेन्द्र सिंह, सिम्मी भाटिया, शैलजा सतीश, रबि बाबू, तौआब अली, अफजल हुसेन, लालमणि प्रसाद आदि की रचनायें सराही गई। शाद अहमद शाद, इं. आलोक गौतम, आशुतोष सिंह, अशोक भारती, विनोद गौतम, अनूप श्रीवास्तव, रामनाथ, सूरज प्रजापति, मास्टर शिव, वृजेश वर्मा, उत्कर्ष राज श्रीवास्तव, रत्नेश निगम, व्रिजेन्द्र कुमार वर्मा के साथ ही विभिन्न वर्गो के लोग बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।


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