डॉ0ओ0पी0भारती
गोण्डा ( वजीरगंज ):- पंचायत में वो रोता रहा , गिड़गिड़ाता रहा कि साहब मैं तलाक नहीं दूंगा ,पर उसकी आवाज न पंचो ने सुनी और न ही बीवी ने । भरी पंचायत में उससे जबरन बुलवाया गया तलाक - तलाक - तलाक ।
उच्चतम न्यायालय ने भले ही 3 तलाक को असंवैधानिक घोषित कर दिया हो , किन्तु मियां - बीवी के संबंधों को तोड़ने का आज भी जरिया बना हुआ है तलाक ।दिलचस्प बात यह है कि यदि पति तलाक दे तो पत्नी के प्रति संवेदना प्रकट की जाती है, और यदि पत्नी ही जबरदस्ती तलाक ले ले तो पुरूष समाज के प्रति कोई संवेदना नही!! ये है हमारा समाज? यह ताजा वाकया तरबगंज थानाक्षेत्र के रामपुर टेंगरहा का है । यहां के अब्दुल जाकिर का निकाह उसके सगे मामा की लड़की आशमा से 1 वर्ष पूर्व हुआ था । कुछ दिन साथ रहने के बाद बीवी मायके चली गई , और दोबारा ससुराल आने से मना कर दिया । शौहर उसे बार - बार रुखसती कराने जाता रहा , लेकिन अहेलिया आने से मना करती रही । शौहर ने जब उसे ले जाने का ज्यादा दबाव बनाया , बीवी ने आने से मना करते हुए कहा कि मैं तुम्हारे साथ नहीं रहूंगी , मुझे तलाक दे दो । बीवी का जबाब सुनकर शौहर अवाक रह गया ।शौहर ने कहा कि मैं तलाक नहीं दूंगा । और वापस चला आया ।बीवी व मायके वाले लगातार तलाक का दबाव बनाते रहे , जिसकी शिकायत उसने थाने पर भी की थी । शुक्रवार को देर शाम दोनों पक्षों के बीच बालेश्वरगंज बाजार में हुई पंचायत में शौहर के न चाहने के बावजूद दबाव डालकर तलाक देने के लिए मजबूर किया गया । और उसने सजल नेत्रों से तलाक देकर संबंध समाप्त कर दिया ।


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