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सभ्यता, संस्कृति व शिक्षा से ही विकास संभव :तिवारी


मिथलेश शुक्ला (नीतू)
गोंडा / बभनान:किसी भी राष्ट्र का विकास उसकी सभ्यता, संस्कृति व शिक्षा से ही संभव है।जो मनुष्य विद्याविहीन है, उसका जीवन पशु के समान होता है। शिक्षा समाज को आईना दिखाती है। शिक्षक कभी सेवानिवृत नहीं होते हैं। उनका कार्य समाज में शिक्षा का अलख जगाना व प्रचार-प्रसार करना होता है। उक्त बातें आचार्य नरेंद्र देव किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ जयकरन नाथ तिवारी ने जे देवी महिला महाविद्यालय में शिविरार्थी छात्राओं को संबोधित करते हुए कही। शिविरार्थी छात्राओं को पर्यावरण के प्रति सचेत होने के लिए संकल्पित किया।

उन्होंने बताया कि मनुष्य अपने वातावरण की उपज है। इसलिए मानव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में स्वच्छ वातावरण जरूरी है। लेकिन जब प्रश्न पर्यावरण का उठता है तो यह जरुरत और भी बढ जाती है। प्राचीन काल से ही मानव अपने रहने की जगह तथा उसके आस-पास के वातावरण को स्वच्छ एवं हानिकारक तत्वों से मुक्त करता आ रहा है। परन्तु आधुनिक मानव की आत्मघाती प्रवृत्ति की वजह से वर्तमान युग में पर्यावरण तथा परिस्थितियों के प्रति जागरुकता को बढाने की सर्वाधिक जरुरत महसूस की जा रही है।  साथ ही शिविरार्थी छात्राओं व डॉ जय करन नाथ तिवारी जी द्वारा पौधरोपण किया गया। कार्यक्रमाधिकारी डॉ संतोष, डॉ राजेश श्रीवास्तव, ने आए हुए मुख्य अतिथि व वरिष्ठ जनों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर इस  स्नेहा जायसवाल, डॉ भूपेश, बृज भूषण लाल,  सीमा वर्मा, नेहा गुप्ता, कविता, अंशु, सुधा, ज्योति, माधुरी वर्मा, डिंपल, सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
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