अमेठी. एक वर्ष पूर्व आज ही के दिन बाज़ार शुकुल के महोना गांव में कोहराम मचा था, यहां एक ही परिवार के 11 लोगों की निर्मम हत्या हुई थी। इस बड़ी वारदात से पूरा प्रदेश कांप उठा था लेकिन अमेठी पुलिस पर इसका कोई असर नहीं हुआ। तभी तो साल बीतने के बाद पुलिस फाइल को ठंडे बस्ते में डालकर बैठी है।
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| 11 लोगों की निर्मम हत्या |
वादी ने की थी सीबीसीआईडी जांच की मांग
पुलिस की लापरवाही इसी बात से साबित है के वादी मुकदमा एवं मृतक का भाई बबलू कई बार एसपी से मिल चुका लेकिन पुलिस ने तो कुछ न करने की क़सम खा रखी है। बबलू ने आरोप लगाया के पहले ही दिन से पुलिस मामले को दबाने में जुटी थी और पुलिस का वो रवैया आजतक बाकी है। उन्होंने बताया के हमनें सीबीसीआईडी जांच की मांग की थी जो आज तक नहीं कराई गई। प्रशासन की ओर से मृतक के परिवार को मदद की बात कही गई थी जो आज तक नहीं मिली। उन्होंने बताया के मामले में कई बार तत्कालीन एसपी से बात की लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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ये है पूरा मामला
गौरतलब हो कि 3 जनवरी 2017 को तड़के बाजार शुकुल थाने के महोना कस्बा में कोहराम मचा हुआ था। गांव निवासी जमालुद्दीन (45) कस्बे में ही बैट्री व गैस चूल्हा रिपेयरिंग की दुकान करता था, कस्बे से चंद फासले पर वह परिवार के साथ रहता था। रात में वो परिवार के साथ सोया लेकिन सुबह जमालुद्दीन की पत्नी जाहिदा व पुत्री अफसरा बानो जहां अर्ध बेहोशी की हालत में घर से बाहर निकलीं थी वहीं फर्श पर जमालुद्दीन की पुत्री आफरीन (18), मरियम (11), सानिया (8), उजमा (5), जमालुद्दीन के भाई शमसुद्दीन की पत्नी हुस्ना बानो (35), शमसुद्दीन की पुत्री रुबीना (17) व तहसीन बानो (8) के अलावा जमालुद्दीन के भाई रईस की पत्नी तबस्सुम (30) के साथ रईस की पुत्रियों महक (7) और निगार फातिमा (6) के शव पड़े थे, सभी का गला धारदार हथियार से रेता गया था।
जबकि जमालुद्दीन का शव फांसी के फंदे पर लटकता मिला था।
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परिवार में ये थे बचे
वहीं मौके पर जमालुद्दीन का पुत्र असब (6) व रईस का पुत्र अब्दुल रहमान (7) जीवित मिले थे। लोगों ने इसकी सूचना दुकान पर सो रहे जमालुद्दीन के 12 वर्षीय पुत्र अमन व 16 वर्षीय भतीजे कमरुददीन पुत्र समशुद्दीन के साथ पुलिस प्रशासन को दी थी और फिर ग्रामीणों ने जाहिदा और अफसरा बानो को सीएचसी जगदीशपुर में भर्ती कराया। इसके बाद ज़िले से लेकर शासन स्तर तक के अधिकारियों की आवाजाही हुई। मृतक जमालुद्दीन के भाई बबलू ने थाने में सामूहिक हत्या की तहरीर दी थी।
पुलिस कर रही रिपोर्ट का इंतेज़ार
फ़िलहाल इस मामले में अमेठी ज़िले के एएसपी बी.सी. दुबे ने बताया के बिसरा जांच के लिये गया हुआ है, इसके अलावा मृतक के हैंड राइटिंग के कुछ पेपर्स एक्सपर्ट के पास गये हैं। इन सबकी रिपोर्ट नहीं आ सकी है जिससे खुलासे में समय लग गया। उन्होंने कहा के इस महीने तक रिपोर्ट मंगाकर खुलासा कर दिया जायेगा।




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